Fact Check: भारतीय छात्र ने ढूंढा कोरोना का घरेलू इलाज, WHO ने भी दी स्वीकृति? जानें सच्चाई
नई दिल्ली, अप्रैल 25: देशभर में कोरोना की दूसरी लहर का आतंक इस कदर फैला हुआ है कि अस्पतालों से लेकर घर तक कोरोना के मरीजों की लाइन लगी हुई है। कोरोना के इस महाप्रकोप से आम लोग भी डरे हुए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शहद, अदरक और काली मिर्च से कोरोना का इलाज घर पर ही संभव है। वायरल पोस्ट में दावा करते हुए बताया गया कि पुडुचेरी यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने कोरोना का यह इलाज खोजा है, जिसको WHO ने भी स्वीकृति दी है। आखिर क्या है वायरल पोस्ट की सच्चाई जानिए।

वायरल पोस्ट के दावों को पीआईबी फैक्ट ने खारिज किया है। अपने ट्वीट में पीआईबी ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि एक फर्जी खबर में दावा किया जा रहा है कि पुडुचेरी विश्वविद्यालय के एक छात्र ने कोरोना का घरेलू उपचार ढूंढ लिया है और WHO द्वारा भी इसे स्वीकृति दी गई है। ये खबर पूरी तरह से फेक है। वहीं लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि ऐसे भ्रामक संदेश को शेयर न करें। कोरोना से जुड़ी सही जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों पर ही विश्वास करने की भी अपील की है।
इन दिनों कोरोना के कहर के बीच लोगों में चिंता है। वहीं कुछ लोग भी बिना सोच समझे इस तरह के मैसेज और पोस्ट को शेयर कर देते हैं, जिसमें कोई सच्चाई नहीं होती है। ऐसे में लोगों से अपील है कि इस संक्रमण के काल में ऐसी गलत जानकारी साझा करने से बचे और अगर किसी भी तरह से संक्रमण के लक्षण महसूस होते है तो डॉक्टर से सलाह लें।

Fact Check
दावा
पुडुचेरी यूनिवर्सिटी के छात्र ने कोरोना वायरस का घरेलू उपचार ढूंढ लिया है, जिसको WHO ने भी स्वीकृति दे दी है।
नतीजा
यह दावा पूरी तरह से झूठा है। WHO ने कोई भी ऐसी मंजूरी नहीं दी है।












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