Fact Check: मणिपुर पुलिस का कुकी ग्रामीणों को पीटते हुए वीडियो वायरल, जानें क्या है सच?
मणिपुर हिंसा को लेकर एक और वीडियो वायरल हो रहा है। जिसे गलत तरीके से हिंसा से जोड़कर दिखाया जा रहा है। फैक्ट चेक की टीम वायरल वीडियो का सच पड़ताल के बाद सामने लाई है।
मणिपुर में हिंसा के बीच दो महिलाओं को निर्वस्त्र सड़क पर घुमाए जाने के सामने आए वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया। सोशल मीडिया पर एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें कई सुरक्षाकर्मियों को नागरिकों पर हमला करते हुए दिखाया गया है।
दावा किया जा रहा है कि मणिपुर पुलिस ने कुकी समुदाय के ग्रामीणों पर अत्याचार किया। साथ ही कहा गया कि एक और सबूत है कि ये अत्याचार राज्य प्रायोजित हैं। आइए जानते है इस वीडियो की क्या है सच्चाई?

दरअसल, वीडियो 6 मार्च 2022 का है। इसमें कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों को उन लोगों की पिटाई करते हुए दिखाया गया है, जो मणिपुर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को नुकसान पहुंचाने में कथित तौर पर शामिल थे।
ई-पीएओ के अनुसार, टेंग्नौपाल पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जो मणिपुर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान साईबोल मतदान केंद्र पर ईवीएम को नुकसान पहुंचाने में कथित रूप से शामिल थे। रिपोर्ट में आरोपियों की पहचान नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) कार्यकर्ताओं के रूप में की गई थी।

Fact Check
दावा
वायरल दावा गलत है।
नतीजा
मार्च 2022 का वीडियो गलत तरीके से मणिपुर हिंसा से जोड़ा गया।












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