fact check: वायरल फोटो में कटीले तार लपेटे महिला नहीं कर रही हाथरस घटना का विरोध, जानिए तस्वीर का सच
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस के चंदपा क्षेत्र में 14 सितंबर को एक दलित युवती का सामूहिक दुष्कर्म किया गया। 15 दिन बाद उसकी सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई। युवती की मौत के बाद सोशल मीडिया समेत देश में महिला सुरक्षा पर खासा रोष देखने को मिल रहा है। इसके बीच, कंटीले तारों और धातु की चादरों से शरीर ढके एक महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

इस फोटो में दावा किया जा रहा है कि, यह महिला हाथरस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। फोटो को अदील खान नाम के एक शख्स ने शेयर करते हुए लिखा कि, ये तस्वीर प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार को तमाचा है जिस की गुंज पुरे विश्व को सुनाई देगी, भाजपाइयों को छोड़कर पुरे भारत मे बढ़ते बलात्कार की घटनाओं को लेकर इस महिला ने अपने पुरे जिस्म को काटेंदार तार से लपेटकर ये संदेश दिया है, कि भाजपा की सरकार मे महिला सुरक्षित नही हैं...!

वायरल हो रही इस तस्वीर का सच वन इंडिया की फैक्ट चैक टीम ने उजागर किया है। पड़ताल में सामने आया है कि, ये तस्वीर हाथरस प्रोटेस्ट से संबंधित नहीं है। रिवर्स इमेज सर्च से पता चला है कि, इस तस्वीर को 2015 में श्रीलंका में लिया गया था। यह चित्र झांसी कॉलोनी में फिल्माया गया था और इसमें दिख रही महिला कोलंबो की एक कलाकार है। वह ओसरिया को प्रदर्शित कर रही थी, जो श्रीलंका की एक पारंपरिक पोशाक है।
महिला यूनिवर्सिटी ऑफ़ विज़ुअल एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स से स्नातक हैं। यूट्यूब पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी है जिसमें उसी महिला को दिखाया गया है। महिला की अलग-अलग एंगल की कई फोटो इंटरनेट पर मौजूद हैं। वन इंडिया की टीम की पड़ताल में ये दावा गलत साबित हुआ है।

Fact Check
दावा
फोटो में दावा किया जा रहा है कि, यह महिला हाथरस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रही है।
नतीजा
पड़ताल में फोटो को लेकर किया जा रहा दावा गलत निकला












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