Fact check: WHO ने नहीं जारी किया भारत में Lockdown का कोई प्रोटोकॉल, सरकार ने वायरल मैसेज को बताया फेक

नई दिल्‍ली। पिछले कुछ दिनों से एक मैसेज सोशल मीडिया के हर प्‍लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। इस मैसेज में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) के हवाले से लॉकडाउन के शेड्यूल का दावा किया जा रहा है। अब सरकार की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया दी गई है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। लॉकडाउन तीन हफ्ते का था और 14 अप्रैल को खत्‍म हो रहा है।

सरकार ने कहा मैसेज में नहीं है सच्‍चाई

सरकार ने कहा मैसेज में नहीं है सच्‍चाई

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्‍यूरो (पीआईबी) की तरफ से बताश गया है कि यह मैसेज पूरी तरह से फेक है। पीआईबी जो कि एक सरकारी एजेंसी है, उसकी तरफ से कहा गया है, 'डब्‍लूएचओ ने ऐसा कोई भी प्रोटोकॉल या फिर लॉकडाउन की कोई प्रक्रिया जारी नहीं की है।' पीआईबी के अलावा डब्‍लूएचओ के साउथ-ईस्‍ट एशिया की तरफ से भी इस पर स्‍पष्‍टीकरण दिया गया है। डब्‍लूएचओ ने कहा है कि इस तरह की कोई भी न्‍यूज जो सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है, पूरी तरह से फेक है। जो मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसने कई लोगों की घबराहट बढ़ा दी और सभी परेशान हो गए थे।

क्या था यह वायरल मैसेज

जो मैसेज फेसबुक और फिर धीरे-धीरे व्‍हाट्एसएप पर वायरल हुआ था उसमें कहा गया था डब्‍लूएचओ की तरफ से लॉकडाउन का शेड्यूल जारी किया गया है। इस मैसेज में कहा गया था कि संगठन ने लॉकडाउन को चार चरणों में बांटा है और भारत सरकार इसका ही पालन कर रही है। मैसेज के मुताबिक पहले चरण्‍ण में एक दिन का लॉकडाउन होगा और फिर इसके बाद 21 दिनों के लॉकडाउन वाला दूसरा फेज शुरू होगा। इसमें पांच दिनों की ढील दी जाएगी। पांच दिनों की ढील के बाद लॉकडाउन का तीसरा फेज शुरू होगा जो 28 दिनों का होगा। इसके बाद इसमें फिर से पांच दिनों की ढील दी जाएगी। फिर आखिरी चरण होगा जो कि 15 दिनों का होगा।

WHO ने की है लॉकडाउन की तारीफ

WHO ने की है लॉकडाउन की तारीफ

कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में जीत हासिल करने के मकसद से भारत में तीन हफ्तों का लॉकडाउन जारी है। इस लॉकडाउन पर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) के डॉक्‍टर डेविड नाबारो की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। डॉक्‍टर डेविड को इस महामारी के लिए खास दूत नियुक्‍त किया गया है।डॉक्‍टर नाबारो ने भारत के इस फैसले को एक साहसिक फैसला करार दिया है। डॉक्‍टर नाबारो ने कहा कि जब भारत में कुछ ही केस रिपोर्ट हुए तो उसी समय देश में एक दूरदर्शी फैसला लिया गया। इस फैसले ने देश को मौका दिया कि वह इस बीमारी का सामना कर सके

यूरोपियन थिंक टैंक ने भी की प्रशंसा

यूरोपियन थिंक टैंक ने भी की प्रशंसा

इसके अलावा यूरोप के एक थिंक टैंक ने भी लॉकडाउन पर पीएम मोदी के फैसले की तारीफ की थी। थिंक टैंक के मुताबिक पीएम मोदी की तरफ से 21 दिनों का जो लॉकडाउन घोषित किया गया है, वह कोविड-19 के खिलाफ जंग में काफी अहम है। एम्‍सर्टडम स्थित थिंक टैंक यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशिया स्‍टडीज (ईएफसास) की तरफ से कहा गया है कि भारत में सरकार की तरफ से लॉकडाउन का जो फैसला किया गया, वह सही दिशा में उठाया गया एक संवेदनशील और बड़ा कदम है। ईएफसास के मुताबिक 1.3 बिलियन लोगों के लॉकडाउन कोई बहुत आसान और सहज फैसला नहीं रहा होगा। भारत जैसे देश में जहां भिन्‍न-भिन्‍न जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफी) के लोग शहरों और गांवों में रहते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+