Fact Check: क्या विज्ञापन में दिल्ली बोर्डिंग स्कूल की जगह जर्मन राष्ट्रपति आवास की फोटो छपी है? जानें सच्चाई
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही प्रत्येक खबरों पर अगर आप भरोसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं, नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है। जी हां सोशल मीडिया पर कई ऐसी खबरें चल रही हैं जो कि काफी भ्रामक हैं। इस खबर पर भरोसा करके यदि आप कोई रिस्क ले रहे हैं तो आपको तगड़ा चूना लग सकता है। इसी क्रम में ऐसी ही पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस पोस्ट का खुलासा भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने किया है।
वायरल पोस्ट में क्या था दावा
दरअसल, सोशल मीडिया में एक ऐसी पोस्ट वायरल हो रही है जिससे पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक भ्रम का शिकार हो सकते हैं। इस पोस्ट में एक तस्वीर भी डाली गई है। इस तस्वीर को दिल्ली बोर्डिंग स्कूल होने का दावा किया गया है। लेकिन जब इसकी सच्चाई सामने आई तो सभी हैरान रह गए।

फैक्ट चेक में ऐसे हुआ खुलासा
दरअसल, भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रिय भारतीय माता-पिता - मुझे यह आज के समाचार पत्र में मिला। लेकिन यह इमारत कोई बोर्डिंग स्कूल नहीं है! यह बर्लिन में जर्मन राष्ट्रपति का आवास है। हमारा राष्ट्रपति भवन जैसा था वैसा। जर्मनी में भी अच्छे बोर्डिंग स्कूल हैं - लेकिन यहां किसी भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया जाएगा।
निष्कर्ष
यह इमारत कोई बोर्डिंग स्कूल नहीं है! यह बर्लिन में जर्मनी का राष्ट्रपति भवन है। इसलिए बोर्डिंग स्कूल के नाम पर जो पोस्ट वायरल किया जा रहा है, वह बिल्कुल भ्रामक है।

Fact Check
दावा
इस तस्वीर को दिल्ली बोर्डिंग स्कूल होने का दावा किया गया है।
नतीजा
यह इमारत कोई बोर्डिंग स्कूल नहीं है! यह बर्लिन में जर्मनी का राष्ट्रपति भवन है। इसलिए बोर्डिंग स्कूल के नाम पर जो पोस्ट वायरल किया जा रहा है, वह बिल्कुल भ्रामक है।












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