सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 5000 रु. काटेगी मोदी सरकार? जानें सच्चाई
बेंगलुरु।कोरोना के कारण दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है भारत में मोदी सरकार समेत राज्य सरकारें इस विपदा की इस घड़ी में हम सबके हित में एक के बाद बड़े फैसले ले रही हैं। वहीं कोरोना के कारण देश के आए संकट में बीच सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मैसेज आ रहे है और कुछ अफवाहें फैलायी जा रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये मैसेज
कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया मसलन व्हाट्सएप्प, फेसबुक पर बिना तथ्यों की जांच किए अथवा क्रॉस चेक किए संदेश धड़ल्ले से फॉरवर्ड कर रहे हैं। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर एक और मैसेज जमकर वायरल हो रहा है कि मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी या फिर पेंशन में कटौती का ऐलान किया है।

किया जा रहा ये दावा
इसमें ये दावा किया गया है कि कोरोना जैसी महामारी कोविड-19 से लोगों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ऐलान किया है कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी या पेंशन से पांच हजार (5000) रुपये काट लिए जाएंगे। इस फेक न्यूज को व्हाट्सएप्प और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से सर्कुलेट किया जा रहा है और कोरोना के दहशत के माहौल में और भय की स्थितियां उत्पन्न की जा रही हैं।

वेतन कटौती का ऐसे किया गया फैक्ट चेक
बता दें ये सरकारी कर्मचारियों के पांच हजार रुपये की वेतन कटौती के लिए बिलकुल फर्जी हैं इस बात की पुष्टि पीआईबी फैक्ट चेक ने की है। जिसमें खुलासा हो चुका है किसरकार ने इस तरह की कोई भी घोषणा नहीं की है और न ही करने वाली हैं। ये असमाजिक तत्वों द्वारा मोदी सरकार और लोगों की परेशानी बढ़ाने के लिए किया गया है। इसलिए आइंदा से आपके पास इस लॉकडाउन के दौरान या बाद में कोई भी फर्जी मैसेज आए तो ऐसे संदेश को आगे न भेजें और आपको जिसने भी भेजा है उसे सही सूचना देकर आगे न भेजने के लिए सचेत कर ऐसी संकट की घड़ी में सतर्क नागरिक बनें।

आप भी रहे इससे सचेत
बता दें कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों खूब फैलाई जा रही हैं इसलिए आपको सचेत रहने की जरूरत है ताकि दहशत के इस माहौल में किसी भी गलत और भ्रामक खबर से पैनिक होने से बचा जाए। अगर आप संयम से काम लेंगे तो कोरोना के खिलाफ जंग में हमारी यानी मानवता की जीत होगी। इसलिए फेक न्यूज से सतर्क रहें।











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