Fact Check :द्रौपदी मुर्मू के आने के बदला राष्ट्रपति भवन का मेन्यू, नॉनवेज और ड्रिंक्स पर बैन, क्या है सच?
नई दिल्ली, 04 अगस्त: द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई को 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। बीते दिनों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छोटे भाई तारणीसेन टुडू ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि वह सादा और शाकाहारी खाना ही पसंद करती हैं। यहां तक कि खाने में प्याज या लहसुन भी नहीं खाती हैं। इस बीच सोशल मीडिया द्रौपदी मुर्मू के नाम से एक पोस्ट वायरल हो गया। लोगों ने इस पोस्ट को शेयर करते हुए दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के अंदर किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन या शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। फैक्ट चेक में वायरल हो रहा यह दावा पूरी तरह झूठ निकला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाकाहारी जरूर हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा कोई भी आदेश नहीं जारी किया है।

जानिए क्या किया जा रहा दावा ?
एक फेसबुक यूजर ने इस पोस्ट को शेयर किया जिसमें लिखा, "राष्ट्रपति भवन में किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन या शराब पर पूर्ण प्रतिबंध। हमारे हिंदू राष्ट्र की शुरुआत। हर सुबह हमारे राष्ट्रपति स्वयं ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 बजे) में आरती करेंगे।'' दावे में कहा गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के अंदर किसी भी तरह के मांसाहारी भोज या शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।

फैक्ट चेक में झूठ निकला सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा
सोशल मीडिया पर द्रौपदी मुर्मू के नाम से वायरल हो रहे इस दावे पर PIB फैक्ट चेक की नजर पड़ी तो पड़ताल शुरू हुई। उन्होंने फैक्ट चेक कर इसकी सच्चाई बताई है। PIB ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा कि यह दावा फर्जी है। ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मीडिया में भी नहीं मिली ऐसी कोई रिपोर्ट
यदि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के अंदर मांसाहारी भोजन या ड्रिंक पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया होता, तो यह निश्चित रूप से बड़ी खबर होती और सभी मीडिया में होती। हालांकि, ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया था कि राष्ट्रपति मुर्मू शुद्ध शाकाहारी हैं।

Fact Check
दावा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के अंदर किसी भी तरह के मांसाहारी भोज या शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
नतीजा
PIB ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा कि यह दावा फर्जी है। ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है।












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