Fact Check: यूपी के जौनपुर में EVM से छेड़छाड़ का BJP पर लगा आरोप, जानें क्या है सच?
Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनाव के अब तक 6 चरण संपन्न हो चुके हैं। अंतिम चरण 1 जून को है। 4 जून को नतीजे सामने आएंगे। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। खासकर विपक्षी दल सत्तारूढ़ पर लगातार ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहा है।
सोशल मीडिया के समुद्र में ईवीएम से लदे एक मिनी ट्रक का वीडियो क्लिप तेजी से तैर रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि इसे 25 मई को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा था। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक ट्रक को घेरकर खड़े हैं और उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हो रही है।

एक्स पर एक यूजर ने कहा कि जौनपुर में चुनाव संपन्न होने के बाद इन ईवीएम मशीनों को अवैध तरीके से स्ट्रांग रूम में जमा करने के लिए लाया गया था। इन अवैध मशीनों को सही मशीनों के साथ मिलाया जा सकता है, इसलिए प्रशासन को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस और सपा ने बीजेपी को घेरा
उधर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने का कोई मौका नहीं गंवाया और सत्तारूढ़ पार्टी पर चुनाव जीतने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया। कहा कि सत्तारूढ़ बीजेपी पर लोकसभा चुनाव में 400 सीटें जीतने के अपने सपने को पूरा करने के लिए ईवीएम से छेड़छाड़ करने की साजिश की है। दावा किया गया कि मिनी ट्रक बीजेपी कार्यकर्ता चला रहा था।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि वे प्रशासन की मदद से अवैध रूप से एक डीसीएम ट्रक में करीब 150 ईवीएम को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी मे बनाए गए स्ट्रांग रूम के अंदर ले जा रहे थे। इंडिया गठबंधन प्रत्याशी और उनके समर्थकों की सतर्कता से उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
आगे यूपी कांग्रेस ने सवाल किया कि आयोग क्या अब भी हम आपसे निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कर सकते हैं? जौनपुर के जिलाधिकारी अब इसे छुपाने के लिए नए-नए तर्क दे रहे हैं, जो उनके चेहरे के भाव खुद ही झुठला रहे हैं। बीजेपी लोकतंत्र को कुचलकर तानाशाही तंत्र लाना चाहती है, इसीलिए वह जनमत को बदलने के लिए इस तरह के अलोकतांत्रिक प्रयास कर रही है।
क्या है सच?
हालांकि, जिला अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और इस मामले से जुड़ी परिस्थितियों को स्पष्ट किया। जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार मंडेर ने बताया कि 25 मई को मछलीशहर के तहसीलदार मुंगराबादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए आरक्षित अप्रयुक्त ईवीएम मशीनों को मिनी ट्रक से मुंगराबादशाहपुर स्थित एआरओ कार्यालय से कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम गोदाम में ले जाकर पूर्वांचल विश्वविद्यालय मार्ग से वापस आ रहे थे।
हालांकि, भारी ट्रैफिक के कारण, उन्होंने पुलिस सुरक्षा का अनुरोध करने के लिए यूनिवर्सिटी परिसर की ओर रुख किया, जिसका सपा उम्मीदवार और उनके समर्थकों ने विरोध किया। इसके बाद, उन्हें रिजर्व ईवीएम मशीनों की सूची प्रदान की गई और इसकी सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पहले दी गई सूची से इसका सत्यापन किया गया। इसके बाद, रिजर्व ईवीएम ले जाने वाले ट्रक को कलेक्ट्रेट भेजा गया, जहां मशीनों को ईवीएम गोदाम में सुरक्षित रूप से रखा गया। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, तहसीलदार ने घटना का विस्तृत विवरण दिया। उल्लेखनीय है कि पूरी प्रक्रिया सपा उम्मीदवार की मौजूदगी में आयोजित की गई थी।
सपा कार्यकर्ताओं को अखिलेश यादव ने किया चौकन्ना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हमीरपुर में जहां चुनाव के बाद ईवीएम रखे हैं वहाँ के स्ट्रांग रूम में पांचवी बार बिजली कटी है। चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन इसका तुरंत संज्ञान ले। सभी सपा प्रत्याशियों और जुझारू कार्यकर्ताओं से यही अपील है कि इसी तरह पूरे प्रदेश में, ईवीएम के स्ट्रांग रूम पर निगाह रखें और गड़बड़ी की किसी भी आशंका की सूचना हमें दें। आगे कहा कि हमीरपुर के सपा के समर्पित सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं को सचेत-सतर्क रहने के लिए बधाई! आप की सजगता ही जीत का आधार बनेगी। याद रखिए : जब तक हाथ में जीत का प्रमाण नहीं, तब तक विश्राम नहीं।

Fact Check
दावा
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बीजेपी ने ईवीएम ले जाने की कोशिश।
नतीजा
नहीं, वीडियो और दावे भ्रामक हैं।












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