Fact Check: क्या यूरोप में शरिया का कोई स्थान नहीं? इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी ने क्या दिया जवाब
Fact Check: इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने इस्लामिक संस्कृति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक संस्कृति और यूरोपीय सभ्यता के बीच अनुकूलता की समस्या है। वे संगत नहीं हैं, यूरोप में शरिया असंभव है।
इस कार्यक्रम में एलन मस्क भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि इटली को अब अपनी संस्कृति की रक्षा करने की जरूरत है। इसे लुप्त नहीं होने देना चाहिए। ऋषि सुनक भी मौजूद थे।

इस्लामी विरोधी बयान से चर्चे में आ गई इटली पीएम
बता दें कि इस बयान से इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी एक बार फिर चर्चे में आ गई हैं। इस्लाम विरोधी बयान को लेकर इसपर विवाद भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने इस्लामिक संस्कृति का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यूरोप में इस्लाम के लिए कोई जगह नहीं है।
BIG BREAKING NEWS ⚡ Italy PM Giorgia Meloni says that there is a problem of compatibility between Islamic culture and European civilization. They are not compatible, Sharia impossible in Europe 🔥🔥
— Times Algebra (@TimesAlgebraIND) December 17, 2023
Elon Musk also attended the fest and said that Italy now needs to protect its… pic.twitter.com/2eL7yofMCh
इस्लामी संस्कृति और हमारी सभ्यता के मूल्यों और अधिकारों के बीच सामंजस्य नहीं- इटली पीएम
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इटली की पीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि इस्लामी संस्कृति और हमारी सभ्यता के मूल्यों और अधिकारों के बीच सामंजस्य नहीं है। ये दोनों परस्पर विरोधी हैं। मेलोनी ने कहा कि इटली में इस्लामी सांस्कृतिक केंद्रों को सऊदी अरब द्वारा वित्त पोषित किया जाता है जहां शरिया लागू है। यूरोप में हमारी सभ्यता के मूल्यों से बहुत दूर इस्लामीकरण की प्रक्रिया चल रही है!
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