Fact Check: क्या कोरोना वैक्सीनेशन टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला? जानिए वायरल वीडियो का सच
नई दिल्ली, 1 मई। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी 'सुनामी' से पूरे देश में भय का माहौल है, कई राज्यों में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध हैं तो कहीं पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगा दिया गया है। भारत में आज (1 मई) पहली बार 4 लाख से अधिक मामले सामने आए जबकि 3523 लोगों ने अपनी जानें गंवाई। कोविड संकट के बीच सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट वायरल हो रहे हैं जिसमें महामारी से बचाव के घरेलू नुस्खे सहित ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के नायाब तरीके बताए जा रहे हैं। इन दिनों एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देख कुछ लोग घटना को सच मान बैठे हैं।

वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रामीणों की भारी भीड़ पुलिस बल पर पत्थरबाजी कर रही है, जबकि सुरक्षाकर्मी उनसे अपनी जान बचाते भागते नजर आ रहे हैं। वीडियो के साथ शेयर किए गए कैप्शन में दावा किया जा रहा है कि गांव में कोरोना वायरस टेस्ट और वैक्सीनेशन करने गई टीम को लोगों की भीड़ ने गांव से बाहर भगा दिया। हालांकि जब वीडियो की जांच की गई तो यह पूरी तरह से फेक (झूठा) पाया गया।
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दरअसल, वीडियो में दिखाई दे रही यह घटना 23 अप्रैल, 2021 की है जब झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह गांव में पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों द्वारा हमला किया गया था। पुलिस कोरोना वायरस संकट के बीच गांव में आयोजित भोक्ता मेला को रोकने गई थी, जहां स्थानीय ग्रामीणों की काफी भीड़ लगी हुई थी। इसी बीच पुलिस और ग्रामीणों में विवाद शुरू हो गया जिसके बाद लोगों की भारी भीड़ ने बीडीओ और थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की दौड़ा-दौड़ा कर पिटा। उसी दौरान स्थानीय द्वारा यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था जो अब वायरल हो रहा है। इस घटना को कई मीडिया संस्थानों ने भी कवर किया था, मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

Fact Check
दावा
कोरोना टेस्टिंग और वैक्सीनेशन टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला।
नतीजा
गांव में आयोजित मेले को रुकवाने गई थी पुलिस।












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