Fact Check: क्या मोरारी बापू ने मोदी सरकार को 100 में से दिए 30 अंक? जानें पर्दे के पीछे की सच्चाई
Fact Check: प्रसिद्ध कथा वाचक मोरारी बापू का हाल ही में मीडिया में एक इंटरव्यू सामने आया। जिसमें दावा किया गया कि मोरारी बापू मोदी सरकार के आलोचक हैं। जबकि मोरारी बापू के इंटरव्यू को तोड़-मरोड़ कर पेश किया था।
Fact Check: प्रसिद्ध कथा वाचक (धार्मिक कथावाचक) और संत मोरारी बापू ने हाल ही में एक विशेष रामकथा का आयोजन किया। उन्होंने अपने 1008 शिष्यों और भक्तों के साथ रेल यात्रा शुरू की है। यह ट्रेन देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करेगी और सभी स्थानों पर मोरारी बापू की कथा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
वहीं, मीडिया ने विशेष रामकथा आयोजन को बड़े पैमाने पर कवर किया। इस दौरान कई चैनलों द्वारा प्रसिद्ध वक्ता मोरारी बापू का इंटरव्यू भी लिया गया। जिसको कुछ मीडिया संस्थानों ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया। जिसमें दावा किया गया कि मोरारी बापू मोदी सरकार का आलोचक हैं। आइए इन दावों की सच्चाई से रूबरू कराते हैं...

एक राजकोट स्थित सांध्य दैनिक ने 28 जुलाई के अपने संस्करण में 'हे, राम!" शीर्षक के साथ एक समाचार लेख छपा। जिसमें लिखा गया कि मोरारी बापू का सुझाव है कि मोदी सरकार 'विफल' हो गई है! रिपोर्ट में दावा किया गया कि मोरारी बापू ने इंटरव्यू में मोदी सरकार पर अपनी राय देते हुए कहा था कि वह मौजूदा सरकार को 100 में से 30 अंक देते हैं, यानी पासिंग मार्क्स भी नहीं। रिपोर्ट में तस्वीरों का भी खास महत्व होता है। रिपोर्ट में मोरारी बापू के साथ मोदी की तस्वीर हैं। इन तस्वीरों में मोदी चिंताजनक नजर आ रहे हैं।
सत्य क्या है?
आपको बता दें कि 27 जुलाई एक न्यूज चैनेल पर मोरारी बापू का इंटरव्यू प्रसारित हुआ था, जिसमें उन्होंने धर्म और राजनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की थी। यह सच है कि उन्होंने यहां इन पासिंग मार्क्स के बारे में बात की, लेकिन उन्होंने कहीं भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनकी सरकार का नाम नहीं लिया। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक हालात के संदर्भ में अपनी बात रखी। न्यूज चैनल के एंकर ने मोरारी बापू से पूछा कि आज की तारीख में आपकी नजर में क्या भारत में रामचरितमानस-रामायण का राजधर्म स्थापित हो गया है?'' क्या हमें बदलाव की ज़रूरत है या सब कुछ ठीक चल रहा है?
इसके जवाब में बापू ने कहा कि मैं दूसरों के बारे में कुछ नहीं कहूंगा या राजनीति के क्षेत्र के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। लेकिन, युवाओं के बीच राजधर्म स्थापित करने की जरूरत है और वह राजधर्म प्रेम, सत्य और करुणा का है। उन्होंने आगे कहा कि मैं प्राइमरी स्कूल में शिक्षक था। 100 अंकों के पेपर में एक छात्र को पास होने के लिए 35 अंकों की जरूरत होती थी। कभी-कभी अगर कोई कमजोर छात्र 30 अंक लाता था, तो हम उसे 5 ग्रेस मार्क्स दे देते थे।

Fact Check
दावा
वायरल दावा गलत है।
नतीजा
मोरारी बापू के इंटरव्यू को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया












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