Fact check : क्या सच में प्याज और फ्रीज में लगी फफूंद से होता है ब्लैक फंगस, जानें सच्चाई
नई दिल्ली, मई 27: देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच अब नए मामलों में गिरावट देखने को मिली है, जिससे थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अचानक देश में बढ़ते म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर इस गंभीर बीमारी को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें ब्लैक फंगस के संक्रमण को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। जो लोगों में एक डर का कारण भी बनता जा रहा हैं। ऐसे में क्या है उस वायरल पोस्ट की सच्चाई आइए जानतें हैं।

दरअसल, फेसबुक पर लिखे गए एक पोस्ट में बताया जा रहा है कि घर में रखे फ्रिज और प्याज से भी ब्लैक फंगस होने का खतरा है। जिससे सब लोगों को सुरक्षित रहने की जरूरत हैं।
जानें वायरस फेसबुक पोस्ट के बारे में
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ये पोस्ट, फेसबुक के एक पेज Wisdom से जारी किया गया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इस बीमारी का कारण प्याज के छिलकों या फिर फ्रीज के अंदर दिखाई देने वाली ब्लैक फिल्म होता है। पोस्ट में दावा करते हुए लिखा गया है कि बाजार से आप प्याज खरीद कर लाते हैं कभी आपने देखा होगा उसके ऊपर काली-काली परत जमी रहती है। असल में यही ब्लैक फंगस (काला फफूंद) होता है। आप अपने घरों के फ्रिज के दरवाजे खोलिए उसमें एक रबर लगी मिलेगी। उस रबर को साफ रखें और फ्रिजर को साफ रखें अगर काला काला फंगस दिख रहा हो तो तत्काल उसकी अच्छे ढंग से सफाई कर दें और बराबर उसकी सफाई पर ध्यान दें। उस रबर पर वो जो काला काला है वही है म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस। जानकारी के मुताबिक इस फेसबुक पेज के 57 लाख से ज्यादा फोलोवर्स है। वहीं वायरल की गई पोस्ट को 1600 लोगों ने शेयर किया है।
क्या है वायरल पोस्ट की सच्चाई
शेयर किए गए पोस्ट के सभी दावे पूरी तरह से झूठे हैं, ब्लैक फंगस का ट्रांसमिशन का तरीका केवल वस्तुओं या इस फल या सब्जियों के जरिए नहीं होता है। फ्रिज के अंदर जो ब्लैक मोल्ड बनता है और प्याज के छिलके पर मौजूद फंगस म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण से पूरी तरह से अलग होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार रेफ्रिजरेटर के अंदर ब्लैक मोल्ड कुछ प्रकार के बैक्टीरिया, यीस्ट के कारण बनते हैं। जबकि वे हानिकारक हो सकते है, लेकिन ब्लैक फंगस का कारण नहीं बनते। वहीं प्याज के छिलके पर पाया जाने वाला फंगस मिट्टी में पाए जाने वाले एक सामान्य कवक का नतीजा है। हालांकि यह जरूरी है कि सभी सब्जियों को इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह से धो लें, प्याज पर पाए जाने वाले फंगस शायद ही कभी संक्रामक होते हैं। ऐसे में वायरल पोस्ट में बताए जा रहे दोनों की दावे पूरी तरह से फेक है।
ब्लैक फंगस को लेकर डॉक्टर्स का क्या है कहना
एम्स के निदेशक और प्रसिद्ध चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार ज्यादा या अनियंत्रित शुगर से पीड़ित लोग या जो लंबे समय से स्टेरॉयड थेरेपी का उपयोग कर रहे हैं, उनको कोई भी फंगस लग सकता है। वहीं कई विश्वसनीय चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों की ओर से ब्लैक फंगस संक्रमण की जानकारी को स्पष्ट किया गया है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से सोशल मीडिया पर गाइडलाइंस, सूचनाओं को लिस्ट भी किया गया है। बता दें कि यदि कोई भी शख्स हाल ही में कोरोना वायरस से रिकवर हुआ हैं या नाक के आसपास काली पपड़ी बनना, तेज सिरदर्द, सूजन, लालिमा जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें। वहीं लोगों से अपील भी की जाता है कि सोशल मीडिया पर वोयरल हो रहे ऐसे पोस्ट पर विश्नास और शेयर करने से बचे। क्योंकि यह वक्त कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में साथ देने का है ना कि आपकी एक गलती लोगों में डर पैदा करने के लिए काफी है।

Fact Check
दावा
फ्रीज और प्याज में लगे फंगस से ब्लैक फंगस संक्रमण का दावा
नतीजा
वायरल पोस्ट का दावा पूरी तरह से फेक है।












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