दौसा के राजेश एयरफोर्स की नौकरी छोड़ पहले एटेम्पट में बने RAS अधिकारी, अजय और सोमेंद्र ने भी गाड़े सफलता के झंडे
RAS 2026 Results: राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा 2026 के परिणामों ने दौसा जिले में उत्साह और गौरव की नई लहर पैदा कर दी है। जिले के बसवा, महुवा और बांदीकुई क्षेत्रों से निकले तीन प्रतिभावान युवाओं ने अपनी मेहनत और अटूट दृढ़ संकल्प के दम पर प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना साकार किया है।
ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद इन युवाओं ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे फौलादी, तो बड़ी से बड़ी बाधा भी रास्ता नहीं रोक सकती। इनकी इस ऐतिहासिक सफलता से न केवल इनके परिवारों में दिवाली जैसा माहौल है, बल्कि पूरे जिले में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। यह परिणाम क्षेत्र के उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जो प्रशासनिक सेवाओं में जाने का ख्वाब देखते हैं।

ऐंचेंडी के राजेश: वायुसेना की वर्दी के बाद अब संभालेंगे प्रशासनिक जिम्मेदारी
बसवा उपखंड के ऐंचेंडी गांव में आज जश्न का माहौल है। यहां के निवासी राजेश प्रसाद मीणा (Rajesh Prasad Meena) ने अपने पहले ही प्रयास में आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। राजेश ने एसटी एक्स सर्विसमैन कोटे में पूरे राजस्थान में दूसरी रैंक हासिल की है। विशेष बात यह है कि वे अपने गांव से RAS बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।
राजेश के सफर की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। देश सेवा का जज्बा लिए उन्होंने पहले भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दीं। पिछले वर्ष VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने के बाद उन्होंने समाज की मुख्यधारा में जुड़कर काम करने की ठानी और प्रशासनिक सेवा की तैयारी में जुट गए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के अटूट सहयोग को दिया है। उनके छोटे भाई भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जबकि बहन शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।
अजय मीणा: बड़े भाई के मार्गदर्शन ने दिलाई 30वीं रैंक
महुवा उपखंड के सांथा गांव के अजय कुमार मीणा ने RAS परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अजय ने एसटी वर्ग में प्रदेश भर में 30वीं रैंक प्राप्त की है। यह सफलता उन्हें उनके दूसरे प्रयास में मिली।
अजय की सफलता के पीछे उनके बड़े भाई रविंद्र मीणा का बड़ा हाथ रहा है, जो वर्तमान में कस्टम विभाग में अधिकारी हैं। अजय ने बताया कि भाई के सही मार्गदर्शन और निरंतर मोटिवेशन के कारण ही वे इस कठिन परीक्षा को पास कर सके। उनकी इस उपलब्धि पर महुवा विधायक राजेंद्र मीणा और जिला परिषद सदस्य छोटूराम मीणा सहित कई गणमान्य लोगों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी।
सोमेंद्र सिंह: कई सरकारी नौकरियों के बाद अब बने आरएएस अधिकारी
बांदीकुई शहर के गुढ़ा रोड निवासी सोमेंद्र सिंह गुर्जर ने सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सोमेंद्र ने एमबीसी वर्ग में 16वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में वे दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में डिप्टी डायरेक्टर जैसे उच्च पद पर आसीन हैं, लेकिन उनका लक्ष्य आरएएस बनना था।
अपने दूसरे प्रयास में सफल होने वाले सोमेंद्र का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। इससे पहले उनका चयन बैंक पीओ, कस्टम इंस्पेक्टर, एएओ (AAO) और वन विभाग में रेंजर पद पर भी हो चुका है। अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देने वाले सोमेंद्र ने इस जीत का श्रेय अपने चाचा जतन सिंह, पिता रतन पटेल और अपनी माता को दिया है।
युवाओं के लिए प्रेरणा पुंज
दौसा के इन तीन युवाओं-राजेश, अजय और सोमेंद्र की सफलता ने जिले के शैक्षिक परिदृश्य को नई ऊर्जा दी है। विपरीत परिस्थितियों और पहले से नौकरी में होने के बावजूद पढ़ाई के प्रति उनकी एकाग्रता यह दर्शाती है कि सफलता केवल निरंतरता की मांग करती है। अब इन गांवों की गलियों में चर्चा केवल इस बात की है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। इन नवनियुक्त अधिकारियों की कहानी अब राजस्थान के अन्य युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित कर रही है।
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With AI Inputs












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