NCERT क्लास 8 की किताब में नक्शे को लेकर बवाल, क्या है मराठा और राजपुताना सीमाओं से जुड़ा ये पूरा मामला?
NCERT: राजस्थान में इन दिनों एक स्कूली किताब का नक्शा बड़े विवाद का कारण बना हुआ है। कक्षा 8 की NCERT सामाजिक विज्ञान की किताब के 'राइज ऑफ द मराठा' चैप्टर में छपा नक्शा माराठा साम्राज्य की सीमाओं को इस तरह दिखाता है, मानो उसका प्रभाव राजपूताना के कई हिस्सों और जैसलमेर तक फैला हो। इस नक्शे में माराठा साम्राज्य की सीमाएं राजपूताना के कुछ हिस्सों, यहां तक कि जैसलमेर तक दिखा दी गई हैं।
इस चित्रण ने न सिर्फ पूर्व शाही परिवारों को नाराज किया है, बल्कि सांसदों और युवाओं में भी गुस्सा भड़का दिया है। उनका मानना है कि यह प्रस्तुति राजस्थान के क्षत्रिय इतिहास के साथ न्याय नहीं करती और आने वाली पीढ़ियों को गलत संदेश देती है। इसे लेकर राजस्थान के कुछ पूर्व शाही परिवारों, सांसदों और राजपूत युवाओं ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि इससे क्षत्रिय इतिहास की गलत तस्वीर पेश की जा रही है।

विशेषज्ञों की राय पर बना नक्शा
IIT गांधीनगर के अतिथि प्रोफेसर और NCERT के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम समूह के प्रमुख मिशेल दानीनो ने कहा कि यह नक्शा पहले से प्रकाशित शैक्षणिक स्रोतों पर आधारित है, जिन्हें पहले कभी चुनौती नहीं दी गई थी। उन्होंने साफ किया कि अगर गलती है तो वह उन्हीं स्रोतों में रही होगी। दानीनो के अनुसार, साम्राज्य की परिभाषा आसान नहीं है, क्योंकि कई इलाकों पर कभी सीधा शासन होता था, तो कहीं कर वसूलने या समझौते के तहत अधीनता मानी जाती थी।
ये भी पढ़ें: SSC Recruitment 2025: बिना परीक्षा नौकरी पाने का बेहतरीन मौका, मिलेगी 40 हजार सैलरी, अभी करें अप्लाई!
इतिहासकारों के हवाले से तैयारी
दानीनो ने बताया कि यह चैप्टर मराठा काल के विशेषज्ञों से सलाह लेकर तैयार किया गया है और इसमें जी.बी. मेहेंदले की किताब 'शिवाजी: हिज लाइफ एंड टाइम्स' और 'पब्लिक स्कूल्स हिस्टोरिकल एटलस' जैसी संदर्भ पुस्तकों का उपयोग किया गया है। उन्होंने लिखा कि नक्शे में जैसलमेर को सीधे चैप्टर में कहीं भी नहीं बताया गया है, लेकिन नक्शा बनाने में सीधे शासित क्षेत्रों के साथ-साथ कर देने वाले और विवादित इलाकों को भी शामिल किया गया है।
गलती मिली तो बदलेगा नक्शा
दानीनो ने माना कि पाठ्यपुस्तक तैयार करने का समय सीमित था और अब इस सीमा-रेखा की ऐतिहासिक सटीकता पर और शोध किया जा रहा है। अगर कोई गलती पाई जाती है तो भविष्य के संस्करण में नया नक्शा दिया जाएगा।
शाही परिवारों की अपील
उधर, राजस्थान के कुछ शाही परिवारों ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल नक्शे की गलती नहीं, बल्कि सांस्कृतिक सम्मान और ऐतिहासिक सच्चाई का सवाल है।
ये भी पढ़ें: 'कंप्यूटर-किताब बिहार के स्कूल में सब', राहुल को महिला ने दिया जवाब, Video देख लोग बोले- 'प्रोपेगंडा चला नहीं'
-
क्या कंगना रनौत ने चुपचाप कर ली सगाई? कौन है BJP सांसद का मंगेतर? इंटरनेट पर क्यों मचा हंगामा? जानें सच -
तो इसलिए बदले जा रहे CM, गवर्नर–सीमांचल से नया केंद्रशासित प्रदेश? नया राज्य या UT बनाने के लिए क्या है नियम? -
PM Kisan Yojana: मार्च की इस तारीख को आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त! क्या है लेटेस्ट अपडेट? -
Balen Shah Rap Song: वो गाना जिसने बालेन शाह को पहुंचा दिया PM की कुर्सी तक! आखिर क्या था उस संगीत में? -
UPSC में 301 रैंक पर 2 आकांक्षा सिंह! ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती या वाराणसी की डॉक्टर-कौन हुआ पास, क्या है सच? -
पिता की चिता को मुखाग्नि देने के बाद दिया इंटरव्यू, रूला देगी UPSC क्रैक करने वाली जूही दास की कहानी -
UPSC पास करने वालों में 24 बिहार से, टॉप-20 में जगह बनाने वाले 5 छात्र कौन हैं? Success Story करेगी प्रेरित -
Iran Vs USA: ईरान के पलटवार से तबाह हुआ अमेरिका! खाली हुए मिसाइल गोदाम, रातों-रात 4 गुना हथियार बनाने का आदेश -
IND vs NZ: 'झूठ बोल रहा है!' सेंटनर के बयान पर सूर्यकुमार यादव का पलटवार, फाइनल से पहले गरम हुआ माहौल -
UPSC इंटरव्यू में पूछा गया विराट कोहली से जुड़ा यह सवाल, आकांक्षा सिंह के जवाब ने पक्की कर दी 301वीं रैंक -
Israel Iran War के बीच आखिर भारत कैसे पहुंचा ईरान का युद्धपोत? तेहरान के ‘इमरजेंसी कॉल’ पर भारत ने दी मदद -
US Iran war Update: ईरान की सैन्य ताकत पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘सब खत्म, जहाज भी डूबे’












Click it and Unblock the Notifications