MP Board Result 2026: मजदूर का बेटा 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉपर, 500 में से 493 नंबर! अब IAS बनने का सपना
MP Board Result 2026 Topper: कड़ी मेहनत, लगन और कुछ करने की चाह... आपको अपने मुकाम तक पहुंचा ही देती है। गरीबी हो या आर्थिक तंगी, सपनों के आगे कोई बाधा नहीं टिक पाती। इस बात को 17 वर्षीय श्लोक प्रजापति ने साकार कर दिखाया।
मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में सीहोर के श्लोक ने विज्ञान संकाय में 500 में से 493 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में टॉप किया। 98.6% के साथ स्टेट टॉपर बनकर श्लोक ने न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम रोशन किया, बल्कि लाखों छात्रों को यह संदेश भी दिया कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। आइए आपको रूबरू कराते हैं श्लोक की कहानी से...

Shlok Prajapati की कहानी में मेहनत की मिसाल, दिया ये मूलमंत्र
श्लोक के पिता विनोद प्रजापति पेशे से मजदूर हैं। वे मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड में वॉटर सप्लायर का काम करते हैं। साथ ही घर चलाने के लिए छोटी-सी दुकान भी संभालते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं रखी। श्लोक ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता को दिया। साथ ही कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल और डायरेक्टर ने हमें लगातार मोटिवेट किया। मैं बड़ा होकर सिविल सर्विस में जाना चाहूंगा। देश की सेवा करना चाहता हूं। श्लोक ने बताया कि स्कूल के अलावा मैं रोज 4 से 6 घंटे घर पर पढ़ाई करता था। आपको बता दें कि श्लोक 10वीं बोर्ड में 97.6% अंक हासिल कर चुके हैं।
Shlok Prajapati Success Story: घर और स्कूल में माहौल
जैसे ही MP Board ने रिजल्ट घोषित किया, श्लोक के घर और स्कूल में जश्न का माहौल बन गया। पड़ोसी, रिश्तेदार और टीचर्स सब बधाई देने पहुंचे। जिला प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने भी श्लोक की इस उपलब्धि पर बधाई दी। बता दें कि इस बार सीहोर जिले से करीब 29,000 से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे।
श्लोक की सफलता से क्या सीखें?
- आत्मविश्वास सबसे बड़ा हथियार: श्लोक का कहना है कि छात्रों से मैं बस यही कहूंगा कि आत्मविश्वास रखो। बाकी सब खुद-ब-खुद हो जाएगा।
- घर का सहारा सबसे मजबूत: पिता की मजदूरी और मां का सतत साथ। यही श्लोक की असली ताकत रही।
- सपना बड़ा रखो: 12वीं पास होते ही श्लोक का अगला लक्ष्य सिविल सर्विसेज है। वे कहते हैं कि IAS बनकर समाज की सेवा करूंगा।
- मेहनत का कोई विकल्प नहीं: स्कूल के अलावा करीब 4-6 घंटे घर की पढ़ाई ने श्लोक को 500 में से 493 नंबर लाने में सफलता दी। यह फॉर्मूला हर छात्र के लिए काम का है।
अब श्लोक की नजर UPSC सिविल सर्विसेज पर है। वे कोचिंग के साथ-साथ कॉलेज की पढ़ाई भी जारी रखेंगे। उनकी यह सफलता उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं लेकिन सपनों को कभी नहीं छोड़ते।













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