कर्नाटक बोर्ड का अनोखा फैसला, स्टूडेंट्स को दिए जाएंगे केवल क्वेश्चन पेपर, जानिए किस आंसर सीट पर होगा इम्तिहान
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीएसईएल) ने क्लास 5, 8 और 9 के लिए एक बड़ा फैसाल लिया है। डीएसईएल ने कक्षा 5, 8 और 9 की बोर्ड परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाएं प्रदान करने के बजाय केवल प्रश्न पत्र प्रदान करने का निर्णय लिया है।
डीएसईएल ने छात्रों से अपनी उत्तर पुस्तिकाएं खुद लाने के लिए कहा है। विभाग ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ब्लॉक स्तर पर करने का भी निर्णय लिया है। डीएसईएल 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से कक्षा 5 और 8 के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित कर रहा है। साथ ही क्लास 9 के लिए परीक्षा को 2023-24 के शैक्षणिक वर्ष से बढ़ा दिया है।

साल के शुरुआत में विभाग ने कही थी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की बात
कर्नाटक राज्य परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड (केएसईएबी) परीक्षा आयोजित करने का प्राधिकारी है और उसने 11 से 18 मार्च तक परीक्षा निर्धारित की है। 2022-23 में विभाग ने निःशुल्क प्रश्नों की उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराकर परीक्षा आयोजित की। इस साल की शुरुआत में विभाग ने घोषणा की थी कि उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केएसईएबी ने अपनी वेबसाइट पर बुकलेट के रूप में मॉडल प्रश्न पत्र जारी किए हैं।
हालांकि, विभाग ने अपनी घोषणा से यू-टर्न ले लिया और अब कहा है कि वह छात्रों को केवल प्रश्न पत्र और जानकारी लिखने के लिए एक शीट प्रदान करेगा। पिछले सप्ताह एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में, केएसईएबी ने सभी हाई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि वे छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाएं लाने के बारे में सूचित करें।
इस निर्णय की शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल विकास और निगरानी समितियों (एसडीएमसी) ने आलोचना की है। द हिन्दू की एक रिपोर्ट के अनुसार एक शिक्षक ने कहा, "केएसईएबी ने हमें बुकलेट के बजाय केवल प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है और बच्चों को उत्तर पुस्तिका स्वयं लानी होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर पुस्तिकाएं एक समान होनी चाहिए। यदि छात्रों को उत्तर पुस्तिकाएं लानी हैं, तो हम उन्हें उसी स्थान से उत्तर पुस्तिकाएं खरीदने के लिए कैसे कह सकते हैं कि सभी आंसर सीट एक जैसी हो?"
एआईडीएसओ को नहीं भाया सरकार का फैसला
एक अन्य शिक्षक ने कहा, "छात्रों को आंसर सीट खुद लाने के लिए कहना उनके ऊपर अनावश्यक बोझ होगा।" ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने भी सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है।
स्कूल विकास और निगरानी समिति (एसडीएमसी) के राज्य अध्यक्ष उमेश जी. गंगावाड़ी ने कहा, "अब तक, उन्होंने कक्षा 10 की प्रारंभिक परीक्षा के लिए शुल्क एकत्र किया है और केवल प्रश्न पत्र दिया है। पिछले साल कक्षा 5 और 8 के छात्रों की बोर्ड परीक्षा के लिए उन्हें बिना किसी शुल्क के एक पुस्तिका दी गई थी। लेकिन क्या इस वर्ष पुस्तिका जारी न कर पाने का कारण सरकार का दिवालिया होना है? अगर सरकार में थोड़ी भी गरिमा है तो उसे तुरंत छात्रों को उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लेना चाहिए।"












Click it and Unblock the Notifications