एयरस्ट्राइक के बाद युवाओं में बढ़ा फाइटर पायलट बनने का जोश! क्या है 'आसमान के योद्धा' बनने का पूरा प्रोसेस?

How to Become Fighter Pilot: 7 मई 2025 की रात भारत के लिए एक ऐसा पल था जिसने पूरे देश को गर्व से भर दिया। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर एक के बाद एक एयरस्ट्राइक कर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया।

यह जवाब था उस दर्दनाक आतंकी हमले का, जिसमें पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। स्कैल्प मिसाइलों और तेजतर्रार फाइटर पायलटों की मदद से की गई इस सटीक कार्रवाई ने न सिर्फ दुश्मन को चेतावनी दी, बल्कि देशवासियों को भारतीय वायुसेना की ताकत और तैयारी पर एक बार फिर भरोसा दिलाया।

Fighter Pilot

इस ऑपरेशन के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्कूल-कॉलेजों तक, युवाओं में भारतीय वायुसेना के प्रति एक अलग ही उत्साह देखने को मिला है। खासकर फाइटर पायलट बनने का सपना अब और भी अधिक युवाओं को आकर्षित कर रहा है। देशभक्ति, साहस और सम्मान से भरे इस करियर को लेकर लोगों के मन में एक ही सवाल है - "आखिर फाइटर पायलट कैसे बना जाए?" आइए जानते हैं इसके पीछे की पूरी प्रक्रिया...

कहां से होती है शुरुआत

फाइटर पायलट बनने के लिए सबसे पहले आपको 10+2 की पढ़ाई फिजिक्स और मैथ्स के साथ करनी होगी। इसके बाद आपके पास कई रास्ते होते हैं जिनसे आप भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकते हैं।

NDA, CDS और AFCAT से खुलते हैं दरवाजे

12वीं के बाद UPSC की NDA परीक्षा देकर आप वायुसेना में ऑफिसर बनने की राह पकड़ सकते हैं। वहीं ग्रेजुएशन के बाद UPSC की CDS परीक्षा भी एक और विकल्प है। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना खुद साल में दो बार AFCAT (Air Force Common Admission Test) आयोजित करती है, जिसके जरिए भी आप चयनित हो सकते हैं।

NCC स्पेशल एंट्री का भी है विकल्प

अगर आपके पास NCC 'C' सर्टिफिकेट है तो आप NCC स्पेशल एंट्री के जरिए सीधे वायुसेना में जा सकते हैं।

SSB से होती है असली परीक्षा की शुरुआत

लिखित परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को SSB यानी सर्विस सिलेक्शन बोर्ड इंटरव्यू में शामिल होना होता है। इसमें पर्सनैलिटी, निर्णय क्षमता और लीडरशिप स्किल की जांच की जाती है।

फिटनेस और उड़ान क्षमता का भी टेस्ट

SSB के बाद मेडिकल जांच होती है और साथ ही PABT (Pilot Aptitude Battery Test) लिया जाता है, जिससे आपकी फ्लाइंग क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।

हैदराबाद में होती है ट्रेनिंग

इन सभी चरणों में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को हैदराबाद की एयर फोर्स एकेडमी में भेजा जाता है। यहां उन्हें बेसिक से लेकर फाइटर जेट उड़ाने तक की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है।
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