Vastu Tips: घर बन जाएगा स्वर्ग से सुंदर अगर इन बातों का रखें ख्याल
Vastu Tips For Home: वास्तु शास्त्र अत्यंत विस्तार वाला ग्रंथ है और इसमें छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन आजकल के समय में हर बारीक बात पर ध्यान देना लगभग असंभव ही है।

कोई भी घर सौ फीसदी वास्तु के सिद्धांत पर बनाया जाना असंभव है। परिस्थितियां, स्थान और जरूरतों के आगे इंसान चाहकर भी वास्तु के सभी नियमों को नहीं अपना सकता।
ऐसे में क्या किया जाए ताकि कोई हानि न हो। तो आज हम यही बात जानते हैं। वास्तु शास्त्र के विद्वानों ने नौ ऐसे नियम बताए हैं जिनका पालन कर लिया तो फिर भवन में कैसा भी निर्णाण हो उससे नुकसान नहीं होगा। किंतु इन नौ नियमों का पालन कर लेना चाहिए।
- सबसे पहले यह देखें कि आप जिस भूखंड पर भवन बनवा रहे हैं बना हुआ ले रहे हैं तो उसका आकार चौकोर या आयताकार होना चाहिए। ऐसे भूखंड पर बना भवन श्रेष्ठ होता है।
- मकान के आसपास सड़कें आमतौर पर होती ही हैं। पूर्व या उत्तर दिशा में सड़कें होना शुभ फलदायक होता है।
- दिशाओं का ध्यान रखें। पूर्व, उत्तर और ईशान दिशा में प्रवेश द्वार एवं खिड़कियां होना शुभ रहता है। दक्षिण एवं पश्चिम में खिड़कियां कम या नहीं होना चाहिए।
- घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर दहलीज या देहरी जरूर बनवाना चाहिए। गृह प्रवेश के समय इसका पूजन भी किया जाता है। मुख्य प्रवेश द्वारा चौड़ा और साफ-सुथरा होना चाहिए।
- घर का ईशान कोण खाली रखें तो ज्यादा अच्छा। इस दिशा में पूजा गृह बनवाना चाहिए। इस दिशा में पानी रखने का स्थान भी बनाना शुभ रहता है।
- शयनकक्ष में बेड दीवार से सटाकर लगाएं। सोने वाले का सिर दक्षिण की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से मानसिक विकार, मानसिक अशांति और तनाव महसूस होता है।
- अग्नि का स्थान आग्नेय कोण में होना चाहिए। इसलिए रसोईघर भी पूर्व एवं दक्षिण दिशा के मध्य आग्नेय कोण में रखना शुभ रहता है।
- गृहस्वामी के सोने की जगह नैऋत्य यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। घर कूड़ा करकट, अटाला, अनुपयोगी सामान का स्थान नैऋत्य में होना चाहिए। स्टोर रूम इसी दिशा में बनाना शुभ रहता है।
- मकान के मुख्य द्वार के बीच खंभा या पिलर नहीं होना चाहिए। इससे उस घर में रहने वाले की आर्थिक और शारीरिक स्थिति ठीक नहीं रहती है।












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