हथेली में बना बड़ा त्रिभुज है भाग्यशाली होने का संकेत

हथेली में प्रमुख रेखाओं और पर्वत के अलावा विभिन्न चिन्ह जैसे त्रिभुज, द्वीप, नक्षत्र, बिंदु, तिल, जाली आदि पाए जाते हैं।

नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र में जितना महत्व रेखाओं को दिया गया है उतना ही महत्व इस पर पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के चिन्हों का भी है। एक सफल हस्तरेखा शास्त्री वही होता है, जो रेखओं के साथ-साथ प्रत्येक प्रकार के चिन्हों का भी गहराई से अध्ययन करने के बाद फलकथन करे।

हथेली में प्रमुख रेखाओं और पर्वत के अलावा विभिन्न चिन्ह जैसे त्रिभुज, द्वीप, नक्षत्र, बिंदु, तिल, जाली आदि पाए जाते हैं। इनके बिना फलकथन अधूरा होता है।

आइये सबसे पहले हम जानते हैं हथेली में पाए जाने वाले त्रिभुज या त्रिकोण का क्या महत्व होता है:

लालिमा युक्त रेखाओं से बना त्रिभुज

लालिमा युक्त रेखाओं से बना त्रिभुज

  • हथेली में यदि तीन तरफ से आकर रेखाएं परस्पर मिलती हों तो त्रिभुज का आकार बनता है। यह त्रिभुज छोटा या बड़ा हो सकता है। हथेली में त्रिभुज अनेक स्थानों पर हो सकता है।
  • एक से अधिक हो सकते हैं और किसी भी रेखा, पर्वत या अंगुली पर हो सकता है। अनेक जगह त्रिभुज का होना शुभ तो कई जगह अशुभ होता है।
विशाल हृदय होने का संकेत

विशाल हृदय होने का संकेत

  • हथेली के मध्य में बना त्रिभुज व्यक्ति को भाग्यवान, ईश्वर में आस्था रखने वाला तथा जीवन के प्रत्येक कार्य में सफलता दिलाने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति शांत, परोपकारी और सौम्य स्वभाव का होता है।
  • बड़ा त्रिभुज व्यक्ति के विशाल हृदय होने का संकेत देता है। ऐसा व्यक्ति कभी किसी का अनिष्ट नहीं करता।
  • इसके विपरीत यदि त्रिभुज छोटा, और अस्पष्ट है तो व्यक्ति संकीर्ण मानसिकता वाला होता है।
  •  व्यक्ति मधुर स्वभाव वाला

    व्यक्ति मधुर स्वभाव वाला

    • यदि किसी व्यक्ति की हथेली में बड़े त्रिभुज के भीतर एक छोटा त्रिभुज बन जाए तो वह व्यक्ति जहां भी कार्य करता है, उच्च पद तक पहुंचता है।
    • शुक्र पर्वत पर त्रिभुज हो तो व्यक्ति मधुर स्वभाव वाला, रसिक मिजाज, शान शौकत पसंद करने वाला होता है।
    • हथेली में टूटा, लहरदार त्रिभुज हो तो व्यक्ति परस्त्रीगामी होता है। स्त्री के हाथ में हो तो पर कई लोगों से संबंध बनाती है।
    • योद्धा, वीर, साहसी बनाता है

      योद्धा, वीर, साहसी बनाता है

      • मंगल पर्वत पर बना त्रिभुज व्यक्ति को रणकुशल, योद्धा, वीर, साहसी बनाता है। यदि इसी पर्वत पर खराब त्रिभुज हो तो व्यक्ति क्रूर, निर्दयी होता है।
      • यदि राहु क्षेत्र में त्रिभुज हो तो व्यक्ति अपने यौनकाल में उच्च पर पर आसीन होता है। राजनीति में विशेष सफलता हासिल करता है।
      • शनि पर निर्दोष त्रिभुज हो तो व्यक्ति तंत्र-मंत्र के क्षेत्र में विशेष सिद्धियां हासिल करता है।
      • दीर्घायु होने का संकेत

        दीर्घायु होने का संकेत

        • सूर्य पर्वत पर त्रिभुज का होना व्यक्ति को धार्मिक, परोपकारी बनाता है। खराब त्रिभुज हो तो व्यक्ति की सर्वत्र निंदा होती है।
        • गुरु पर्वत पर त्रिभुज व्यक्ति को कूटनीतिज्ञ बनाता है। ऐसा व्यक्ति केवल अपनी तरक्की देखता है, दूसरों के हित से उसे कोई मतलब नहीं होता।
        • बुध क्षेत्र में त्रिभुज व्यक्ति को सफल बिजनेसमैन, सफल वैज्ञानिक बनाता है। दोषयुक्त त्रिभुज हो तो व्यक्ति अपनी ही संचित पूंजी गंवा बैठता है।
        • आयु रेखा पर त्रिभुज व्यक्ति के दीर्घायु होने का संकेत है।

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