Surya ka Gochar: सूर्य का कृतिका में प्रवेश, बढ़ेगा पराक्रम, मिलेगा मान सम्मान
Surya ka Gochar: आज सूर्य अपने ही नक्षत्र कृतिका में प्रवेश करेगा। सूर्य के स्वनक्षत्र में प्रवेश करने का सभी मनुष्यों पर लाभदायक असर होने वाला है। जिन जातकों का जन्म कृतिका नक्षत्र में ही हुआ है, उन्हें इस गोचर का विशेष लाभ मिलने वाला है। सूर्य लगभग 15 दिन एक नक्षत्र में गोचर करता है।
इस दिन रवियोग और रविवार भी है। इसलिए यह दिन पूरी तरह सूर्यदेव को प्रसन्न करने का दिन होगा।सूर्य जब कृतिका नक्षत्र में गोचर करता है, तो इसका प्रभाव व्यापक रूप से व्यक्ति के जीवन, समाज, और प्रकृति पर पड़ता है।

कृतिका नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य स्वयं है, और यह नक्षत्र मेष राशि के अंतिम चरण और वृषभ राशि के आरंभिक चरणों में आता है। कृतिका का अर्थ होता है काटने वाला। यह नक्षत्र तेजस्वी, निर्णायक और युद्ध करने वाला माना जाता है। अग्नि तत्व प्रधान होने के कारण यह आत्मशुद्धि, साहस, संकल्प और त्याग का प्रतीक है। यह नक्षत्र देवी दुर्गा के रूपों और कार्तिकेय (मंगल) से भी जुड़ा हुआ है, जो युद्ध, विजय, और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सूर्य के कृतिका नक्षत्र में गोचर के प्रभाव
- सूर्य के कृतिका नक्षत्र में गोचर करने से मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा मिलने में कहीं रुकावट आ रही है तो वह दूर होती है।
- सूर्य के कृतिका नक्षत्र में आने से व्यक्ति अधिक साहसी और पराक्रमी हो जाता है।
- व्यक्ति के प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होती है। इस नक्षत्र में जन्में जातकों को प्रभावशाली बड़ा पद प्राप्त होता है।
- हालांकि इस नक्षत्र के कारण व्यक्तियों के स्वभाव में क्रूरता और आक्रामकता भी आ जाती है। व्यक्ति दंभी हो जाता है।
- सूर्य के कृतिका नक्षत्र में होने के कारण रोग बढ़ते हैं। पित्त दोष से जुड़ी समस्याएं आने लगती हैं। सिरदर्द, ब्लड प्रेशर की समस्या मनुष्यों में देखी जाती है।
- यह गोचर आर्थिक क्षेत्र विशेषकर व्यापारिक क्षेत्रों को प्रभावित करता है। यह गोचर उन लोगों के लिए अनुकूल होता है जो प्रशासन, सेना, राजनीति, या नेतृत्व के क्षेत्रों से जुड़े होते हैं।
नए कार्य प्रारंभ करने का सही समय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब कृतिका नक्षत्र में हो तो नए कामकाज प्रारंभ करने का यह सही समय होता है। इस नक्षत्र में सूर्य के होने से काम सफल होते हैं। नए कारोबार, नई नौकरी जॉइन करने के लिए यह समय अत्यंत श्रेष्ठ होता है। इस नक्षत्र में भूमि, भवन खरीदना या उनके निर्माण का काम प्रारंभ करना चाहिए।
सूर्य को कैसे करें अनुकूल
- सूर्य जब कृतिका नक्षत्र में हो तो उसे अपने अनुकूल करने और उसका अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए सूर्य आराधना करनी चाहिए।
- सूर्य के मंत्र "ॐ घृणि: सूर्याय नमः" का नियमित रूप से एक माला लाल चंदन की माला से जाप करें।
- प्रतिदिन ठीक सूर्योदय के समय सूर्य को लाल पुष्प डालकर तांबे के कलश से जल अर्पित करें।
- गायत्री मंत्र का जप विशेष फलदायी होता है।
- लाल चंदन की माला गले में धारण करके रखें। लाल चंदन का तिलक मस्तक पर लगाएं।












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