Solar Eclipse 2020: सूर्य ग्रहण और सोमवती अमावस्या दोनों आज, जानिए क्या करें और क्या ना करें
Surya

आज करें दान-पुण्य मिलेगा यश लाभ
अमावस्या के दिन लोग दान-पुण्य करते हैं, ताकि उनके कष्ट दूर हों और उन्हें सुख-शांति प्राप्त हो, वैसे भी अमावस्या के दिन दान करने से लोग अपने पित्रों के प्रति भी आभार व्यक्त करते हैं इसलिए हर किसी को आज अपने सामार्थ्य के अनुसार दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए और पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

ग्रहण काल में भूलकर भी ना करें ये काम
हालांकि ग्रहण काल में पूजा स्थल पर मूर्तियों को छूना नहीं चाहिए लेकिन मन से ईश्वर की आराधना करनी चाहिए और ग्रहण समाप्त होने के बाद तुलसी के पास दीपल जलाना चाहिए और अपने खाने-पीने की वस्तु में तुलसी की पत्ती डालनी चाहिए।

अपना मन ध्यान-योग में लगाएं
ग्रहण काल में किसी से झगड़ा ना करें, ना किसी की निंदा करें, ना सहवास करें और ना ही कैंची या चाकू का प्रयोग करें। हो सके तो पूजा-कीर्तन करें और अपने मन को शांत रखें, एकांत व्यास में भी रह सकते हैं और अपना मन ध्यान-योग में लगाएं ये आपको मानसिक रूप से मजबूत करेगा, हो सके तो सूर्य देव की पूजा करें और उन्हें खुश करने के लिए कुछ खास मंत्रों का जाप करें।

भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए मंत्र
- ॐ सूर्याय नम: ।
- ॐ भास्कराय नम:।
- ॐ रवये नम: ।
- ॐ मित्राय नम: ।
- ॐ भानवे नम: ।
- ॐ खगय नम: ।
- ॐ पुष्णे नम: ।
- ॐ मारिचाये नम: ।
- ॐ आदित्याय नम: ।
- ॐ सावित्रे नम: ।
- ॐ आर्काय नम: ।
- ॐ हिरण्यगर्भाय नम: ।

सोमवती अमावस्या के लिए मंत्र
'गंगे च यमुनेश्चैव गोदावरी सरस्वती, नर्मदा, सिंधु कावेरी जलेस्मिने संन्निधि कुरू'
कहां-कहां दिखेगा ग्रहण
ये सू्र्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर के कुछ इलाकों, मैक्सिको सऊदी अरब, कतर, सुमात्रा, मलेशिया, ओमान, सिंगापुर, नॉर्थन मरिना आईलैंड और श्रीलंका में देखा जा सकेगा। भारत में ग्रहण नजर नहीं आएगा लेकिन भारत के लोग नासा की वेबसाइट पर जाकर वहां इसका लाइव प्रसारण देख सकते हैं।












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