Shukra Ka Gochar: शुक्र का रेवती नक्षत्र में गोचर, जानिए किसकी चमकने वाली है किस्मत?
Shukra Ka Gochar: शुक्र आज दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर रेवती नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहा है। शुक्र 31 मई तक इसी नक्षत्र में रहेगा। ये पंद्रह दिन उन लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी रहेंगे जिनका प्यार उनसे रूठ गया है, या जिन दंपतियों के जीवन में प्रेम नहीं रहा, ऐसे लोग अपने प्यार को पुनर्जीवित करने के प्रयास इन पंद्रह दिनों में करेंगे तो इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
भारतीय वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख, कला, संगीत, स्त्री, विवाह, ऐश्वर्य, धन, विलासिता और आकर्षण का कारक माना गया है। यह ग्रह यदि शुभ अवस्था में हो तो जीवन में सुख, समृद्धि और संबंधों की मधुरता लाता है।

दूसरी ओर रेवती नक्षत्र, जो मीन राशि में स्थित होता है और जिसकी अधिष्ठात्री देवी पूषन हैं, अंतर्दृष्टि, करुणा, आध्यात्मिकता और यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है।
रेवती नक्षत्र में शुक्र शुभ फल ही देता है
जब शुक्र रेवती नक्षत्र में आता है, तब उसका फल व्यक्ति की कुंडली में स्थिति (भाव), दृष्टि, राशि, दशा और अन्य योगों के अनुसार प्रभावित होता है। हालांकि रेवती नक्षत्र में शुक्र शुभ फल ही देता है।
राशियों पर रेवती के शुक्र का प्रभाव
- मेष : मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का रेवती नक्षत्र में गोचर शुभ रहने वाला है। यह स्थिति विलासिता, गुप्त प्रेम, विदेश यात्रा और आध्यात्मिक खोज की ओर संकेत देती है। आपका आकर्षण बढ़ेगा। धन खर्च होगा किंतु विवाहेत्तर संबंध बनेंगे।
- वृषभ : वृषभ राशि शुक्र की ही राशि है इसलिए रेवती में शुक्र अच्छा फल देगा। प्रेम संबंध बनेंगे। पुराने रिश्ते पुनर्जीवित हो सकते हैं। मित्रों से लाभ, सौंदर्य जगत से कमाई, सोशल सर्कल में लोकप्रियता मिलेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
- मिथुन : मिथुन राशि के जातकों को इस दौरान करियर में रचनात्मकता, अभिनय, मीडिया या सौंदर्य संबंधी क्षेत्रों में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आकर्षण और सौम्यता से लोग प्रभावित होते हैं। महिलाएं सहयोगी रहेंगी।
- कर्क : आपको उच्च शिक्षा, धर्म, भाग्य, विदेश यात्रा में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंध बनेंगे जो किसी विदेशी या अन्य धर्म/संप्रदाय के व्यक्ति से हो सकते हैं। भाग्य में स्त्री तत्व से लाभ होगा, जैसे माता, पत्नी या गुरु।
- सिंह : आपके लिए रेवती में शुक्र का मिलाजुला असर रहेगा। गुप्त प्रेम का खुलासा हो सकता है। मानसिक द्वंद्व पैदा हो सकता है। आप तंत्र-मंत्र, आध्यात्मिक साधना या ज्योतिष में आगे बढ़ेंगे। धन अचानक की स्थिति बनेगी।
विवाह में धोखे की संभावना है
- कन्या : शुक्र कन्या राशि में नीच का होता है लेकिन यह आपको रेवती के कारण मिलाजुला असर देगा। आपके वैवाहिक जीवन में भावनात्मकता अधिक रहेगी, परंतु संतुलन की कमी होगी। विवाह में धोखे की संभावना है।
- तुला : शुक्र आपकी राशि का स्वामी है किंतु यहां रेवती के कारण प्रेम में प्रतिद्वंद्विता या संघर्ष संभव है। कार्यस्थल पर किसी महिला से आकर्षण या संघर्ष की संभावना है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे प्रजनन प्रणाली या गुर्दे से जुड़ी हो सकती हैं।
- वृश्चिक : प्रेम संबंधों में गहराई, कल्पनाशीलता और समर्पण की भावना जाग्रत होगी। संतान से संबंधित सुख मिलेगा, लेकिन कभी-कभी मानसिक चिंता भी संभव है। रोमांस में आदर्शवादिता और त्याग की भावना रहेगी। किंतु कुछ छुपाएं नहीं।
- धनु : आपको माता, गृह सुख, वाहन और भावनात्मक सुरक्षा प्राप्त होगी। स्त्रियों का सहयोग भाग्यवर्धक हो सकता है। घरेलू सुख मिलेंगे। प्रेम संबंध गहरे होंगे। कोई पुराना मित्र या साथी लौटकर आएगा। अपने रिश्तों को सुधारने का प्रयास करें।
- मकर : आपकी लेखन, कला, गायन, अभिनय, फोटोग्राफी, सोशल मीडिया से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ेगी। छोटे भाई-बहनों से भावनात्मक संबंध प्रबल होंगे। अपनी संप्रेषण कला से लोगों का दिल जीत लेंगे। मनोरंजक यात्राएं हो सकती हैं।
- कुंभ : आपकी वाणी में मधुरता और आकर्षण पैदा होगा, जिससे लोग आपसे प्रभावित होंगे। परिवार में प्रेम और सहयोग का वातावरण निर्मित होगा। विलासिता के साधन प्राप्त होंगे। गायन, संवाद, संगीत से धन लाभ की संभावना है।
- मीन : शुक्र का रेवती में गोचर शुभ रहेगा। रेवती नक्षत्र इसी राशि में आता है। आपके जीवन में प्रेम, भक्ति और सौंदर्य की प्राप्ति होगी। हालांकि आप कभी कभी कल्पनाओं में खोए रह सकते हैं। धन प्राप्त होगा। आध्यात्मिक की ओर बढ़ेंगे।












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