क्या ममता को कांग्रेस से हाथ मिलाना चाहिए?

नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के सदस्यों को चुनने का समय आ गया है। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों की घोषणा कर दी है। विपक्षी महागठबंधन में पश्चिम बंगाल की तेज-तर्रार नेत्री मुख्यमंन्त्री ममता बनर्जी एक बड़ा चेहरा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद उनकी तृणमूल कांगे्रस ने 42 सीटों में से 34 सीटें जीती थी। 18 जनवरी को कोलकाता में विपक्ष की बड़ी रैली आयोजित कर ममता ने 15 से ज्यादा राजनैतिक दलों को एक मंच पर एकत्रित किया था। सोलहवीं लोकसभा में मोदी की आंधी में ममता ने अपने बलबूते साहस के दीपक को बुझने न दिया था।

इसलिए ममता में तेजी लेकिन धैर्य का अभाव

इसलिए ममता में तेजी लेकिन धैर्य का अभाव

इस बार कई ऐसे सवाल हैं जो जेहन में हलचल मचा रहें हैं। क्या ममता को कांग्रेस से हाथ मिलाना चाहिए ? ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का लोकसभा चुनाव में क्या रहेगा भविष्य ? आईये ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर जानते है इन सवालों के जवाब। ममता मनर्जी का जन्म 5 जनवरी सन् 1955 को कलकत्ता में हुआ था। आपका जन्म मेष लग्न में हुआ है। मेष का स्वामी मंगल होता है। मंगल का ऊर्जावान ग्रह है, इसलिए आप हमेशा ऊर्जावान बनी रहती है। आप किसी की अधीनता पसन्द नहीं करेंगे तथा विचारों व कार्यो में अग्रणी रहेंगी। आप स्वभाव से निश्चयी व नेतृत्व के गुण से सम्पन्न रहेंगी। आपके स्वभाव में तेजी, स्फूर्ति, जल्दबाजी होगी एवं धैर्य का अभाव रहेगा।

कठोर निर्णय लेने में इसलिए नहीं हिचकिचाती ममता

कठोर निर्णय लेने में इसलिए नहीं हिचकिचाती ममता

वर्तमान में आपकी कुण्डली में शनि की महादशा में चन्द्र का अन्तर चल रहा है। शनि दशमेश व लाभेश होकर आपके सप्तम भाव में उच्च का होकर बैठा है। सप्तम भाव को पश्चिम दिशा का संकेतक माना जाता है। एक तो उच्च का शनि, दूसरे पश्चिम में बैठकर दिग्बली होना। इसी प्रकार है जैसे एक तो शेर दूसरे बन्दूक बांधे है। शनि राजनीति में बड़ी और लम्बे समय तक सत्ता का भोग करवाता है। चन्द्रमा चतुर्थेश होकर दूसरे भाव में उच्च का होकर बैठा है। उच्च का चन्द्रमा दृढ़ इच्छाशक्ति और मानसिक मजबूती देता है। इसीलिए ममता कठोर से कठोर निर्णय लेने में हिचकिचाती नहीं है तथा अपने निर्णय पर टिकी रहती है।

ममता के अनुकूल होगा ये समय

ममता के अनुकूल होगा ये समय

22 मार्च से 2019 से 22 जून तक सन् 2019 तक शनि का ही प्रत्यन्तर चलेगा। यानि समय ममता के अनुकूल है। आप किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने में न डरेंगी और न झुकेगी। शनि आपका कर्मेश भी है व लाभेश भी। ज्योतिष में शनि को एक वृद्ध ग्रह माना गया है। शायद इसीलिए मोदी का ममता से मानसिक युद्ध चलता रहता है। कांगे्रस की नाम राशि मिथुन है और ममता की नाम राशि सिंह है। मिथुन का स्वामी बुध है और सिंह का मालिक सूर्य ग्रह है। ये दोनों ग्रह आपस में मैत्री भाव रखते है। अतः ममता कांग्रेस का पीछे से सपोर्ट तो करेगी किन्तु सामने से हाथ नहीं मिलायेगी।

टीएमसी को लोकसभा चुनाव में मिल सकती हैं इतनी सीटें

टीएमसी को लोकसभा चुनाव में मिल सकती हैं इतनी सीटें

पश्चिम बंगाल की 42 सीटों पर दो चरणों में 11 अप्रैल और 19 मई को चुनाव होने हैं। 11 अप्रैल को चन्द्रमा मिथुन में गोचर करेगा, जो आपके दूसरे भाव में रहेगा। इस दिन आपको औसत फल मिलेगा। 19 मई को चन्द्रमा वृश्चिक राशि में भ्रमण करेगा, जो आपके सप्तम भाव में रहेगा। सप्तम का चन्द्रमा लाभकारी होता है। अतः यह कहा जा सकता है कि तृणमूल कांग्रेस को इस लोकसभा चुनाव में कम से कम 30-35 सीटें मिलेंगी।

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