12 जुलाई से वक्री शनि का मकर राशि में प्रवेश, जानिए कैसे शांत करें शनि की पीड़ा?
नई दिल्ली, 08 जुलाई। 4 जून से कुंभ राशि में वक्री हुआ शनि 12 जुलाई 2022 को दोपहर 2.52 बजे पिछली राशि मकर में पुन: प्रवेश करेगा। शनि का गोचर मकर राशि में होने के कारण पुन: साढ़ेसाती का गणित बदल जाएगा। अब पुन: धनु, मकर और कुंभ राशि साढ़ेसाती के प्रभाव में रहेंगी।

23 अक्टूबर 2022 को शनि मकर राशि में ही मार्गी होगा और गोचर करते हुए 17 जनवरी 2023 को पुन: कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। इस प्रकार 12 जुलाई 2022 से 17 जनवरी 2023 तक शनि का मकर राशि में गोचर चलेगा। इसके अनुसार कुल 190 दिन शनि पुन: मकर राशि में गोचर करेगा। इन 190 दिनों तक धनु राशि पुन: साढ़ेसाती के प्रभाव में आएगी और मीन राशि इस दौरान साढ़ेसाती से मुक्त हो जाएगी। लघु कल्याणी ढैया भी पुन: 190 दिनों के लिए मिथुन और तुला राशि पर लग जाएगा।
ऐसे होगा शनि का गोचर
- 12 जुलाई 2022 को वक्री शनि मकर में
- 23 अक्टूबर 2022 को शनि मार्गी मकर में
- 17 जनवरी 2023 को शनि पुन: कुंभ में
साढ़ेसाती
12 जुलाई से 17 जनवरी : धनु, मकर, कुंभ
लघु कल्याणी ढैया
12 जुलाई से 17 जनवरी : मिथुन, तुला
कैसे शांत करें शनि की पीड़ा
190 दिनों की अवधि के दौरान शनि की पीड़ा शांत करने के लिए प्रत्येक शनिवार को शनि देव और हनुमानजी के दर्शन करें। प्रत्येक शनिवार को तिल के तेल में अपनी छाया देखकर तेल शनि देव को अर्पित करें। दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें। शनि देव को नीले पुष्प अर्पित कर तिल या उड़द की दाल से बनी मिठाई का नैवेद्य अर्पित करें। इस दौरान सत्कर्म करें। झूठ न बोलें, पाप कर्मो से बचें।












Click it and Unblock the Notifications