चन्द्रमा सप्तम भाव में हो तो 'मोती' किसे पहनना चाहिए?
लखनऊ। सप्तम भाव में चन्द्रमा होने से जातक के मस्तिष्क को शान्त रखता हैं। जातक का एक से अधिक स्त्रियों सम्बन्ध हो सकता है। सप्तम भाव हमारे वैवाहिक जीवन का, व्यापार का, डेली इनकम का, साझेदारी में व्यवसाय आदि का माना जाता है और साथ ही ये भाव मारक भी होता है। सातवें भाव का चन्द्रमा होने पर कई बार इन्सान को व्यापार बदलना पड़ता है।
चलिए जानते है विभिन्न लग्नों की कुण्डलियों में चन्द्रमा सप्तम भाव में होने पर मोती पहनने से क्या-क्या फल मिलते है...

पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी
- मेष लग्न-इस लग्न में चन्द्रमा चतुर्थेश होकर सप्तम भाव में होगा। घरेलू सुख शान्ति में वृद्धि करेगा, जातक को रोमांटिक बनाएगा। स्त्रियों में लोकप्रिय होगा। मोती धारण करने लाभ होाग।
- वृष लग्न-चन्द्रमा तृतीयेश होकर सप्तम भाव में नीच राशि वृश्चिक में होगा। ऐसा जातक परिश्रमी होगा तथा मोती धारण करने से उसे सफलता प्राप्त होगी किन्तु विवाहित जीवन असफल होगा क्योंकि चन्द्रमा नीच राशि में होगा। अतः मोती सोंच-समझकर ही पहने।
- मिथुन लग्न-इस लग्न में चन्द्रमा द्वितीयेश होकर सप्तम स्थान में धनु राशि में स्थित होगा। मोती धारण करने से धन का सुख रहेगा, पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी।
- कर्क लग्न-चन्द्रमा लग्नेश होकर सप्तम स्थान में मकर राशि में स्थित होगा जातक अपनी स्त्री के वश में रहेगा। उसका व्यक्तिगत प्रभाव भी इर्द-गिर्द अच्छा रहेाग। मोती धारण करने से कामकाज आदि में सफलता मिलेगी।

यश मान-सम्मान में वृद्धि होती है...
- सिंह लग्न-चन्द्रमा द्वादशेश होकर सप्तम भाव में कुम्भ राशि में स्थित होगा जो जातक को भोग विलास में व्यस्त कर सकता है, धन का व्यय भी बढ़ सकता है। अतः मोती धारण न करें।
- कन्या लग्न-चन्द्रमा लाभेश होकर सप्तम भाव में मीन राशि में स्थित होगा। मोती धारण करने से धन लाभ में वृद्धि होगी। मित्रों तथा सरकारी वर्ग से लाभ मिलेगा।
- तुला लग्न-चन्द्रमा दशमेश होकर सप्तम भाव में स्थित होगा। मोती धारण करने से कामकाज, यश मान-सम्मान में वृद्धि होगी। नौकरी में पदोन्नति होगी।
- वृश्चिक लग्न-चन्द्रमा भाग्येश होकर सप्तम भाव में उच्च राशि में स्थित होगा। अतः मोती धारण करने से भाग्य में वृद्धि होगी। अविवाहित का विवाह शीघ्र होगा।
- धनु लग्न-चन्द्रमा अष्टमेश बनता है। अतः मोती धारण करने से जातक का विवाहित जीवन दुःखमय हो सकता हैं, इसलीएि मोती धारण न करें।
- मकर लग्न-चन्द्रमा सप्तमेश होकर सप्तम स्थान में स्थित होगा। मोती धारण करने से स्त्री सुख मिलेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। अतः मोती पहनना लाभकारी रहेगा।
- कुम्भ लग्न- इस लग्न में चन्द्रमा षष्ठेश बनता है, अतः मोती धारण न करें अन्यथा दाम्प्तय जीवन में टकराव हो सकता है।
- मीन लग्न-चन्द्रमा पंचमेश होकर सप्तम भाव में स्थित होगा। अतः मोती धारण करने से लव मैरिज में आ रही बाधायें दूर होती और प्रेमी वर्ग को सफलता मिलती है।













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