Ravi Pushya Yoga: जीवन में चाहते हैं खुशहाली तो आज जरूर खरीदें सोना
Siddhi Yoga: श्रावण मास में रवि पुष्य का शुभ संयोग 4 अगस्त 2024 को बन रहा है। इस दिन सर्वकार्यों में सिद्धि देने वाला सिद्धि योग भी बन रहा है। इन दोनों योग संयोग में सोना, भूमि-भवन की खरीदी करना श्रेष्ठ रहता है।
इस दिन खरीदी गई वस्तुओं में उत्तरोत्तर वृद्धि होती रहती है और मनुष्य के धन के भंडार भरते रहते हैं। 4 अगस्त को पुष्य नक्षत्र दोपहर 1.25 बजे तक रहेगा। अर्थात् सूर्योदय के बाद 7 घंटे 25 मिनट का पुष्य नक्षत्र रहेगा। सिद्धि योग प्रात: 10:36 बजे तक रहेगा।

पुष्य नक्षत्र को ऋग्वेद में तिष्य कहा गया है जिसका अर्थ होता है शुभ। इसे मांगलिक तारा भी कहा जाता है जो सुख-संपदा देने वाला है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति और देवता शनिदेव हैं। बृहस्पति स्वामी होने के कारण इसे अत्यंत शुभ नक्षत्र माना गया है और देवता शनि होने के कारण इस नक्षत्र में किए गए कार्य, खरीदी स्थायी सुख प्रदान करने वाले होते हैं।
क्या करें सिद्धि योग और रवि पुष्य में
- रवि पुष्य नक्षत्र में भूमि, भवन, संपत्ति खरीदना अत्यंत शुभ रहता है। इस दिन की गई खरीदी स्थायी रहती है उसका कभी क्षरण नहीं होता बल्कि उसमें वृद्धि होती रहती है।
- रवि पुष्य के संयोग में स्वर्णाभूषण खरीदने का विशेष महत्व होता है। इस दिन खरीदे गए सोना चांदी के आभूषणों में वृद्धि होती है।
- पुष्य नक्षत्र के संयोग में अपने घर में विष्णु-लक्ष्मी की मूर्ति, गणेशजी की मूर्ति, श्रीयंत्र, लक्ष्मी यंत्र आदि की खरीदी करना शुभ रहता है। इससे घर में स्थायी लक्ष्मी बनी रहती है।
- पुष्य नक्षत्र में यदि आप सोना-चांदी के आभूषण नहीं खरीद पा रहे हैं तो इस दिन अपने घर में उपलब्ध आभूषणों का पूजन हल्दी से करें और पीले पुष्प अर्पित करें। इन्हें लाल या पीले कपड़े में बांधकर रखें।
खरीदी का मुहूर्त
- पुष्य नक्षत्र दोप 1:25 बजे तक
- पुष्य नक्षत्र मुहूर्त कुल 7 घंटे 25 मिनट
- चर : प्रात: 7:39 से 9:17
- लाभ : प्रात: 9:17 से 10:55
- अमृत : प्रात: 10:55 से दोप 12:33
- अभिजित : दोप 12:06 से 12:59












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