इस बार काफी खास है रामनवमी: सबकी सुनेंगे भगवान राम...
चैत्र मास की नवमी को राम नवमी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र श्री राम का का जन्म हुआ था।
लखनऊ। ज्योतिष में 30 तिथियों का उल्लेख है। 15 तिथियॉ कृष्ण पक्ष में और 15 तिथियां शुक्ल पक्ष में होती है। प्रत्येक मास में नवमी तिथि पड़ती है, किन्तु चैत्र मास की नवमी का विशेष महात्म है।
चैत्र मास की नवमी को राम नवमी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र श्री राम का का जन्म हुआ था। अतः भक्त लोग इस नवमी तिथि को श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाते है।
अद्धभुत योग
इस बार 05 अप्रैल को पड़ने वाली रामनवमी अत्यन्त शुभ एंव कल्याणकारी साबित होगी। श्रीराम का जन्म पुष्य नक्षत्र में हुआ था तथा 05 अप्रैल को भी पुष्य नक्षत्र रहेगा और अपनी राशि कर्क में चन्द्रमा गोचर करेगा। यह एक शुभ योग, जिस कारण इस बार की रामनवमी पर विशेष पुण्य की वर्षा होगी। आईये बताते है कि कैसे आप लोग इस अक्षय पुण्य वर्षा का अधिक से अधिक लाभ ले पाएंगे।
- इस रामनवमी पर तारक मन्त्र यानि राम नाम की 5 माला करने से अपने मनोरथ सिद्ध होगे।
- श्रीराम की फोटो रखकर विधिवत पूजन करें और ''ऊॅ रामभद्राय नमः'' मन्त्र की कम से कम 4 माला का जाप करने से आपके कार्यो में आने वाली समस्त बाधायें दूर होगी।
- इस दिन ''ऊॅ जानकी वल्लभाय स्वाहा'' मन्त्र की 10 माला जाप करने से मान-सम्मान व प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है साथ में घर के क्लेश दूर होते है।
- रामनवमी के दिन '' ऊॅ नमो भगवते रामचन्द्राय'' मन्त्र की कम से कम 5 माला का जाप करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है एंव सामाजिक प्रतिष्ठा में चार-चॉद लगते है।
- इस दिन '' ऊॅ रामाय धनुष्पाणये स्वाहा'' मन्त्र की 7 माला जाप करने से शत्रुओं का नाश होता है एंव न्यायालय में चल रहे मुकदमों में विजय प्राप्त होती है।
- रामनवमी के दिन रामरक्षा स्त्रोत का विधिवत पाठ करने से श्रीराम आपके मान-सम्मान व शत्रुओं से आपकी रक्षा करते है।
- आज के दिन हनुमान चालीसा का पाठ, बजरंग बाण व सुन्दरकाण्ड का पाठ करने से श्रीराम व हनुमान जी दोनों प्रसन्न होकर आपकी बाधाओं को दूर करके कीर्ति में वृद्धि करते है।













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