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    Raksha Bandhan 2018: रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

    By Pt. Gajendra Sharma
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    नई दिल्ली। भाई-बहन के निस्वार्थ प्रेम की अभिव्यक्ति का दिन रक्षाबंधन श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। श्रावणी पूर्णिमा 26 अगस्त को आ रही है। इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षा सूत्र यानी राखी बांधकर उनके स्वस्थ जीवन की कामना करती है और भाई स्नेहपूर्वक बहनों को उपहार देते हैं। हर बार रक्षाबंधन पर राखी बांधने के मुहूर्त को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है क्योंकि राखी के दिन भद्रा रहती है। इस साल अच्छी बात यह है कि राखी के दिन भद्रा नहीं है, इसलिए रक्षाबंधन सुबह से लेकर रात तक किया जा सकता है, लेकिन बीच-बीच में कुछ समय को छोड़ना होगा क्योंकि अशुभ चौघड़िया, राहु काल, यम घंटा और गुली काल रहेगा।

    आइए जानते हैं रक्षाबंधन का विस्तृत मुहूर्त

    आइए जानते हैं रक्षाबंधन का विस्तृत मुहूर्त

    ज्योतिष पंचांगों के अनुसार पूर्णिमा तिथि 25 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 16 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी जो 26 अगस्त को सायं 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 12.35 बजे तक रहेगा। रक्षाबंधन का मुहूर्त 26 अगस्त को प्रातः 7.43 से दोपहर 12.28 बजे तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 2.03 से 3.38 बजे तक रहेगा। सायं 5.25 पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी, लेकिन सूर्योदय व्यापिनी तिथि मानने के कारण रात्रि में भी राखी बांधी जा सकेगी।

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    यह है शुभ मुहूर्त

    यह है शुभ मुहूर्त

    • प्रातः 7.43 से 9.18 तक चर
    • प्रातः 9.18 से 10.53 तक लाभ
    • प्रातः10.53 से 12.28 तक अमृत
    • दोपहर: 2.03 से 3.38 तक शुभ
    • सायं: 6.48 से 8.13 तक शुभ
    • रात्रि: 8.13 से 9.38 तक अमृत
    • रात्रि: 9.38 से 11.03 तक चर
    इस समय में न बांधें, अशुभ हैं ये समय

    इस समय में न बांधें, अशुभ हैं ये समय

    • राहु काल प्रातः 5.13 से 6.48
    • यम घंटा दोप. 12.28 से 2.03
    • गुली काल दोप. 3.38 से 5.13
    • काल चौघड़िया दोप. 12.28 से 2.03
     धनिष्ठा पंचक

    धनिष्ठा पंचक

    धनिष्ठा से रेवती तक पांच नक्षत्रों को पंचक कहा जाता है। ये पांच दिनों तक चलता है। पंचक को लेकर भ्रांति यह है कि इसमें कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए। जबकि सत्यता यह है कि पंचक में अशुभ कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि उनकी पांच बार पुनरावृत्ति होती है। पंचक में शुभ कार्य करने में कोई दिक्कत नहीं है। रक्षाबंधन के दिन धनिष्ठा नक्षत्र होने के कारण पंचक रहेगा, लेकिन राखी बांधने में यह बाधक नहीं बनेगा।

    नोट: उपरोक्त सभी मुहूर्त के समय उज्जैन के सूर्योदय के आधार पर है। स्थान भेद के कारण उपरोक्त समयों में कुछ सेकंड से लेकर 2, 3 मिनट तक का अंतर हो सकता है। अतः सटीक समय जानने के लिए एक बार स्थानीय पंचागों का अनुसरण करना उचित रहेगा।

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    English summary
    Raksha Bandhan is celebrated in Shravana month during full moon day or Purnima day. here is Raksha Bandhan or Rakhi Muhurat.
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