राजस्थान में क्या चलेगा जादूगर का जादू या कमल करेगा कमाल? जानिए एग्जिट पोल के बाद क्या कहते हैं सितारे?
Rajasthan Election Astrological Prediction: राजस्थान में वर्तमान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार है। 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं। राजस्थान में ब्राह्मण, राजपूत, गुर्जरों का वर्चस्व रहा है। राजस्थान का ट्रेंड यह बताता है कि हर बार जनता सरकार बदल देती है और भाजपा और कांग्रेस को एक-एक कर मौका देती है।

यदि ट्रेंड के अनुसार देखा जाए तो राजस्थान में भाजपा की सरकार बनना चाहिए और तमाम एक्जिट पोल भी भाजपा की सरकार बनने का अनुमान जता रहे हैं। आइए हम ग्रह-नक्षत्र सितारों के संदर्भ में देखते हैं कि राजस्थान में जादूगर का जादू चलने वाला है या कमल अपना कमाल दिखाएगा।
गहलोत दोबारा चला सकते हैं अपना जादू
- अशोक गहलोत
- जन्म दिनांक 3 मई 1951, प्रात: 9:30, जोधपुर (राजस्थान)
- लग्न मिथुन- स्वामी बुध
- राशि मीन- स्वामी बृहस्पति (स्वराशि)
- नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद चतुर्थ चरण- स्वामी शनि
- महादशा- राहु- अंतर्दशा बृहस्पति
राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्म 3 मई 1951 सुबह 9:30 बजे जोधपुर में हुआ है। गहलोत की कुंडली मिथुन लग्न और मीन राशि की कुंडली है। लग्नेश सूर्य और मंगल के साथ एकादशी में बैठकर राजयोग बना रहा है, वहीं बृहस्पति स्वराशिगत होकर केंद्र स्थान में दशम में बैठकर कुंडली को बल दे रहा है। तमाम जोड़-तोड़ और कूट राजनीति में माहिर अशोक गहलोत की कुंडली में चतुर्थ जनता के भाव में शनि विराजमान हैं। शनि जनता और राजयोग के कारक ग्रह भी हैं। कन्या राशि का शनि यहां उनकी स्थिति प्रबल बना रहा है।
अशोक गहलोत का चलेगा जादू
संभव है कि गहलोत अपना जादू एक बार फिर राजस्थान की जनता पर चलाने में कामयाब हो जाएं। चंद्र-बृहस्पति दशम में गजकेसरी योग का निर्माण भी कर रहे हैं। इसलिए तमाम विरोधों, आरोप-प्रत्यारोपों, सरकार तोड़ने की साजिशों के बीच भी अशोक गेहलोत का जादू बरकरार है और आगे भी इसे दोहरा सकते हैं। वर्तमान में राहु की महादशा में बृहस्पति की अंतर्दशा से गुजर रहे हैं। राहु भाग्य भाव में स्थित होकर तृतीय पर दृष्टि जमाए है जो संकेत देता है कि आंतरिक विरोधों से घिरे रहेंगे।
आसान नहीं होगी भाजपा की राह
- वसुंधरा राजे
- जन्म दिनांक 8 मार्च 1953, दोपहर 12, मुंबई (महाराष्ट्र)
- लग्न वृषभ- स्वामी शुक्र
- राशि वृश्चिक- स्वामी मंगल
- नक्षत्र ज्येष्ठा- स्वामी बुध
- महादशा- राहु- अंतर्दशा बृहस्पति
उधर राजस्थान में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा प्रोजेक्ट नहीं किया गया है, किंतु अघोषित रूप से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सामने है। वसुंधरा राजे का भी राजस्थान में जबर्दस्त वर्चस्व है और वे एक लोकप्रिय नेता हैं। इनका जन्म 8 मार्च 1953 दोपहर 12 बजे मुंबई में हुआ। इसके अनुसार इनकी कुंडली वृषभ लग्न वृश्चिक राशि की है। केंद्र में सूर्य कार्येश और चंद्र सप्तम में है। लग्नेश बृहस्पति के साथ द्वादश में द्वंद्व योग का निर्माण कर रहा है। छठे में शनि और भाग्य में राहु है। शनि इनका भाग्येश है और शनि दशमेश भी है।
शनि का लघु कल्याणी ढैया भी चल रहा है
किंतु दशमेश में सूर्य का होना इनके लिए राह कठिन बना रहा है। इन्हें शनि का लघु कल्याणी ढैया भी चल रहा है जो राह में बाधाएं, रोड़े डाल रहा है। इनके लिए सत्ता का सिंहासन पाना आसान नहीं होगा। यदि भाजपा वसुंधरा को सीएम बनाती है तो संभव है कि बाद में सीएम बदलना पड़े। ये राहु की महादशा में शनि की अंतर्दशा से गुजर रही है। इसलिए समय तो कठिन है।
दोनों की कुंडली में एक खास संयोग
यहां दोनों की कुंडली में एक संयोग देखा जाए तो दोनों को ही राहु की महादशा में बृहस्पति की अंतर्दशा चल रही है जो प्रबल राजयोग बना रही है किंतु गहलोत के योग प्रबल दिखाई दे रहे हैं।












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