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Sonam Raghuvanshi: वो कौन सी ग्रह स्थितियां हैं जिसने सोनम रघुवंशी को बनाया क्रूर? जानिए यहां

Sonam Raghuvanshi Case: इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से एक चर्चा ज्योतिष जगत में चल पड़ी है कि आखिर वे कौन सी ग्रह स्थितियां होती हैं जिनमें लड़कियां इतनी क्रूर हो जाती हैं कि अपनों की ही बेरहमी से जान ले लेती हैं। इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में भी यही हुआ। 11 मई को राजा और सोनम की शादी हुई और 23 मई को सोनम ने मेघालय के शिलांग में ले जाकर पति राजा की हत्या कर दी या करवा दी।

सोनम के साथ चार और लड़कों के नाम सामने आए हैं। हम यह जानने का प्रयास करते हैं कि सोनम की कुंडली में ऐसे कौन से ग्रह किस अवस्था में बैठे हुए हैं जो अपने ही पति की हत्या करने पर उतारू हो गई।

Sonam Raghuvanshi

सबसे पहले हम जानते हैं लड़कियों को क्रूर बनाने वाली ग्रह स्थितियां (Sonam Raghuvanshi)

परिवर्तन योग : जब किसी लड़की की कुंडली में परिवर्तन योग हो। अर्थात् विपरीत स्वभाव वाले ग्रह एक-दूसरे की राशि में हो तो यह परिवर्तन योग कहलाता है। इस योग में विशेषकर चंद्र-मंगल, शनि-चंद्र, सूर्य-चंद्र, राहु-गुरु जैसे ग्रह एक-दूसरे की राशि में हो तो यह तगड़ा परिवर्तन योग होता है। ऐसा जातक किसी का सगा नहीं होता और यह सिर्फ अपने मतलब का सोचता है। उसे किसी की परवाह नहीं होती और वही करता है जो एक बार ठान लेता है।

चतुर्थ दशम योग : कुंडली में चतुर्थ-दशम योग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि विपरीत स्वभाव वाले ग्रह एक-दूसरे से चतुर्थ-दशम योग बनाते हैं तो यह खतरनाक हो सकता है। और यदि अनुकूल स्वभाव वाले शुभ ग्रह चतुर्थ-दशम योग बनाते हैं तो व्यक्ति अपने क्षेत्र में उन्नति करता है और प्रसिद्ध होता है।

क्रूर ग्रह एक-दूसरे से षडाष्टक योग बनाते हैं (Sonam Raghuvanshi)

षडाष्टक योग : षडाष्टक योग शुभ नहीं माना जाता है। यदि क्रूर ग्रह एक-दूसरे से षडाष्टक योग बनाते हैं तो अपने स्वभाव के अनुसार जातक का स्वभाव भी क्रूर बना देते हैं। ऐसा जातक गुप्त ढंग से कार्य करने वाला होता है। ऐसा जातक बाहर से कुछ और अंदर से कुछ होता है। इनका चेहरा देखकर नहीं बताया जा सकता है कि इनके मन में क्या चल रहा है। यदि क्रूर ग्रह जैसे मंगल, शनि, राहु, केतु, सूर्य का इन्हीं क्रूर ग्रहों के साथ षडाष्टक होता है तो जातक अपनी घातक योजनाओं में सफल हो जाता है।

द्विद्वादश दोष/योग : जब दो ग्रह एक-दूसरे से 30 अंश पर दूसरे और बारहवें भाव में होते हैं तो इसे द्विद्वादश योग कहा जाता है। पाप और क्रोधी ग्रहों से द्विद्वादश योग बनता है तो व्यक्ति कभी अपने कामों से संतुष्ट नहीं होता। उसे अधिक से अधिक पाने की चाहत रहती है और वह व्यक्ति अपनी ख्वाहिशें पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इसके उलट यदि शुभ ग्रह द्विद्वादश बनाते हैं तो यह व्यक्ति को उसके सपनों तक पहुंचाने की सीढ़ी बनाते हैं।

सोनम की कुंडली का विश्लेषण (Sonam Raghuvanshi)

  • अब हम सोनम रघुवंशी की कुंडली का विश्लेषण करके देखते हैं उसकी कुंडली में उपरोक्त में से कौन-कौन सी ग्रह स्थितियां हैं जो उसने इतने जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया
  • इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध सोनम की कुंडली के अनुसार उसकी कुंडली मकर लग्न की है। मेष का चंद्र चतुर्थ में है और सप्तम में कर्क का मंगल बैठा हुआ है। पहली बात तो यह कि सोनम की कुंडली में उपरोक्त बताई गई ग्रह स्थितियों में से सभी स्थितियां नजर आ रही है।

चंद्र और मंगल का परिवर्तन योग (Sonam Raghuvanshi)

  • परिवर्तन योग : सोनम की कुंडली में चंद्र और मंगल का परिवर्तन योग बना हुआ है। चंद्र चतुर्थ सुख स्थान में मेष राशि का है और सप्तम में मंगल कर्क राशि का है। दोनों विपरीत स्वभाव के ग्रह चंद्र-मंगल एक-दूसरे की राशि में बैठे हुए हैं। सप्तम विवाह का स्थान है इसलिए इस योग ने विवाह संबंध पर ही प्रहार किया
  • चतुर्थ-दशम योग : सोनम की कुंडली में चंद्र और मंगल का एक-दूसरे से चतुर्थ-दशम योग भी बन रहा है। दोनों ग्रह एक-दूसरे से चौथे और दसवें भाव में है। चंद्र से चौथा मंगल और मंगल से दसवां चंद्र है। चूंकि यह योग भी सप्तम भाव से जुड़ा हुआ है इसलिए सोनम ने पति की हत्या कर दी।

पंचम भाव प्रेम संबंधों का भाव होता है (Sonam Raghuvanshi)

  • षडाष्टक योग : सोनम की कुंडली में मंगल का केतु से षडाष्टक योग बना हुआ है। चूंकि सारे योग सप्तम विवाह भाव में बैठे मंगल से बन रहे हैं इसलिए सोनम का स्वभाव क्रूर हुआ और वह पूरी तरह मंगल के प्रभाव में रही।
  • द्विद्वादश योग/दोष : सोनम की कुंडली में पंचम और षष्ठम में क्रमश: बैठे शनि और गुरु से द्विद्वादश योग बना हुआ है। पंचम भाव प्रेम संबंधों का भाव होता है और राहु से इसका द्विद्वादश बना है, यह इस बात का कारक है कि व्यक्ति अपने प्रेम संबंध को पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। चूंकि व्यय भाव में बैठे केतु से राहु का संबंध भी बन रहा है तो ऐसा व्यक्ति धन को लेकर अति लालची रहता है।

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