Mundan Muhurat 2024 List: बालक की लंबी आयु के लिए सही मुहूर्त में करें मुंडन संस्कार
Mundan Muhurat 2024 Full List: हिंदू धर्म में संस्कारों का बड़ा महत्व है। संस्कार सोलह होते हैं और उन्हीं में से एक होता है मुंडन संस्कार। यह संस्कार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हिंदू परिवार में पुत्र संतान का मुंडन जन्म के तीसरे या पांचवें वर्ष में किया जाता है। कई परिवारों में पुत्री संतान का मुंडन करने की भी परंपरा है। इस महत्वपूर्ण संस्कार का उद्देश्य बालक की बुद्धि को उर्वरा बनाना है।

मुंडन संस्कार से बालक मेधा, बुद्धि, आयु और आरोग्यता में वृद्धि होती है। इतने महत्वपूर्ण संस्कार को संपन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त देखना अत्यंत आवश्यक है। सबसे पहली संतान का मुंडन ज्येष्ठ मास में नहीं किया जाता है। मुंडन को चौलकर्म भी कहा जाता है।
मुंडन कब करना श्रेष्ठ होता है
मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ के अनुसार बालक के जन्म के विषम वर्ष 3, 5, 7 में मुंडन किया जाता है। चैत्र मास को छोड़कर उत्तरायण के सूर्य में बुधवार, सोमवार, शुक्रवार और गुरुवार के दिन मुंडन किया जाता है। जिस बालक का मुंडन संस्कार करना है उसकी जन्मराशि और जन्मलग्न से आठवीं राशि के लग्न को छोड़कर अन्य लग्न में मुंडन किया जा सकता है। लग्न से आठवें स्थान में कोई पापग्रह न हो।
12 नक्षत्रों में मुंडन करना शुभ रहता है
ज्येष्ठा से युक्त अनुराधारहित तथा मृदुसंज्ञक मृगशिरा, रेवती, चित्रा, चरसंज्ञक स्वाति, पुनर्वसु, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा तथा लघुसंज्ञक हस्त, अश्विनी, पुष्य इन 12 नक्षत्रों में मुंडन करना शुभ रहता है। लग्न से 3, 6, 11 स्थानों में पापग्रह सूर्य, मंगल, शनि, राहु, केतु रहने पर मुंडन करना शुभ होता है।
ये हैं वर्ष 2024 के शुभ मुहूर्त
- 18 जनवरी गुरुवार- पौष शुक्ल 8
- 25 जनवरी गुरुवार- पौष शुक्ल 15
- 26 जनवरी शुक्रवार- माघ कृष्ण 1
- 31 जनवरी बुधवार- माघ कृष्ण 5
- 1 फरवरी गुरुवार- माघ कृष्ण 6
- 5 फरवरी सोमवार- माघ कृष्ण 10
- 14 फरवरी बुधवार- माघ शुक्ल 5
- 15 फरवरी गुरुवार- माघ शुक्ल 6
- 19 फरवरी सोमवार- माघ शुक्ल 10
- 21 फरवरी बुधवार- माघ शुक्ल 12
- 22 फरवरी गुरुवार- माघ शुक्ल 13
- 27 फरवरी मंगलवार- फाल्गुन कृष्ण 3
- 4 मार्च सोमवार- फाल्गुन कृष्ण 8
- 8 मार्च शुक्रवार- फाल्गुन कृष्ण 13
- 24 अप्रैल बुधवार- वैशाख कृष्ण 1












Click it and Unblock the Notifications