Lunar Eclipse 2021: अविवाहितों के लिए अच्छा नहीं चंद्र ग्रहण, जानिए क्या करें क्या नहीं?
नई दिल्ली, 23 मई। साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई को नजर आएगा। हालांकि ये ग्रहण पूरे भारत में प्रभावी नहीं हैं, बस नार्थ इंडिया के कुछ हिस्सों में नजर आएगा। इस ग्रहण की अवधि 14 मिनट 30 सेकंड की होगी। ये 26 मई को दोपहर करीब 3:15 बजे शुरू होगा और शाम 6:22 बजे खत्म होगा। जबकि पूर्ण चंद्र ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, नार्थ और साउथ अमेरिका और ईस्ट महासागर में ही देखा जा सकता है। हालांकि ये एक खगोलीय घटना है, लेकिन भारतीय धर्मशास्त्रों में ग्रहण का खास महत्व है। वैसे तो यहां ये इस बार प्रभावी नहीं है और ना ही इसका सूतक काल भी लगेगा लेकिन फिर भी ग्रहण के वक्त कुछ खास बातों का ख्याल रखना बहुत ज्यादा जरूरी है।
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क्या करें
ग्रहण काल के दौरान अपने ईष्ट देव का ध्यान करना चाहिए और इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- हनुमान जी का मंत्र- ऊं रामदूताय नम:
- भगवान विष्णु का मंत्र- ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम:
- महादेव का जाप: ऊं नम: शिवाय
- श्रीकृष्ण मंत्र- क्लीं कृष्णाय नम:
- श्रीराम का जाप: सीताराम
- तुलसी के पास एक तेल का दीपक जलाकर रखना चाहिए।

क्या ना करें
- ग्रहण काल में भोजन न करें।
- गर्भवती स्त्रियां बाहर न निकलें।
- सहवास न करें, झूठ न बोलें और ना ही सोए।
- पूजा स्थल को स्पर्श ना करें ।
- मांस-मदिरा का सेवन ना करें।
- प्याज-लहसुन भी ना खाएं।
- झगड़ा-लड़ाई से बचें, क्लेश ना करें।
- तुलसी के पौधे को ना छूएं।

क्या होता है चंद्र ग्रहण
खगोलशास्त्र के मुताबिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाए, इस दौरान पृथ्वी की छाया से चंद्रमा पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक जाता है। इस स्थिति में पृथ्वी सूर्य की छाया को चंद्रमा तक नहीं पहुंचने देती है। इस वजह से पृथ्वी के उस हिस्से में चंद्र ग्रहण नजर आता है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को होते हैं।

अविवाहितों को नहीं देखना चाहिए ग्रहण
चंद्र ग्रहण को अविवाहित लड़के-लड़कियों को नहीं देखना चाहिए क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से उनके प्रेम संबंध और विवाह में बाधा आती है क्योंकि चांद को श्राप मिला था इसलिए ग्रहण वाले दिन उसका दीदार करने से प्रेम और शादी में दिक्कते पैदा होती हैं।












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