Lunar Eclipse 2018: ग्रहण और पूर्णिमा एक साथ इसलिए रखें इन बातों का खास ख्याल
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नई दिल्ली। साल 2018 का पहला चंद्रग्रहण आज लगेगा और आज ही माघ पूर्णिमा भी है, जिसका काफी पौराणिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से इंसान के सारे कष्टों का निवारण हो जाता है और गंगा में डुबकी लगाने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। आपको बता दें कि हिंदू पंचाग के अनुसार ग्यारहवें महीने में कर्क राशि में चंद्रमा और मकर राशि में सूर्य प्रवेश करता है तब माघ पूर्णिमा का पवित्र योग बनता है लेकिन इस बार माघ पूर्णिमा वाले दिन ग्रहण लग रहा है, जिसके कारण इस दिन कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है।

ग्रहण और पूर्णिमा एक साथ
हालांकि ग्रहण शाम 5 बजकर 18 मिनट 27 सेकंड पर लग रहा है लेकिन शास्त्रों के आधार पर चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है। जिसके मुताबिक ग्रहण का सूतक 31 जनवरी की सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर लग जाएगा, जिसके कारण मंदिरों में पूजा-अर्चना बंद हो जाएगा और कोई भी शुभ काम नहीं होगा।

सूतक काल में नहीं होते हैं शुभ-काम
इसलिए जो लोग माघ पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करना चाहते हैं, वो लोग सुबह 8 बजकर 18 मिनट से पहले ही ये काम कर लें क्योंकि सूतक काल में ये सब काम नहीं हो पाएंगे।

क्या है माघ पूर्णिमा का महत्व?
ऐसा माना जाता है कि माघ महीने में सभी देवता पृथ्वी पर आते हैं। इस दिन वह सभी संगम पर स्नान, दान और जप करते हैं, इसी वजह से माघ पूर्णिमा मनाने लाखों भक्त इलाहाबाद के संगम पर पहुंचते हैं।

सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं
साथ ही यह भी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इलाहाबाद में इस वक्त भक्तों की भारी भीड़ है इसलिए वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम है। पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स भी लगाई गई है। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। शहर से नदियों में गिरने वाले सभी नालों का बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट किया जा रहा है। बड़ी संख्या में सफाई कर्मी लगाए गए हैं।












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