Astro Tips: जानिए पानी से कैसे संवरता है आपका जीवन?
लखनऊ। पृथ्वी पर लगभग 70 प्रतिशत जल है। जल एक आम रासायनिक पदार्थ है, जो दो भाग हाईड्रोजन व एक भाग आक्सीजन से बना है। पानी की तीन अवस्थायें होती है, द्रव्य, ठोस व गैस। द्रव्य अवस्था को जल कहा जाता है, ठोस अवस्था में बर्फ आता है और गैसीय अवस्था में जल वाष्प होकर भाप बना जाता है। जल सारे प्राणियों के जीवन का आधार है। जल ही जीवन है, जल के बिना कुछ भी सम्भव नहीं है, इसलिए पानी हमारे जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण है। आज हम आपको पानी के कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहा हॅू, जिससे आपकी अनेकों समस्याओं का समाधान हो सकता है।

जिन स्त्रियों को गर्भ नहीं ठहरता है
- गर्भाधारण के लिए-जिन स्त्रियों को गर्भ नहीं ठहरता है, वो मंगलवार को कुम्हार जिस धागे से बर्तन काटता है, वह डोरा लेकर पानी से धोकर डोरा हनुमान जी के पाॅव में चढ़ायें फिर वही धागा पानी भरे गिलास में डालें फिर वही पानी पति-पत्नी पीकर सम्भोग करने से गर्भ अवश्य ठहरता है।
- सौभाग्य वृद्धि हेतु-श्रवण के महीने में जब पहली वर्षा हो तब मकान के परनाले से बहते हुये पानी से स्नान करने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है और आर्थिक समृद्धि व सौभाग्य में वृद्धि होती है।
- ग्राहकों के वृद्धि के लिए-यदि आपके व्यवसाय में धीरे-धीरे प्रगति हो रही है, ग्राहक आते है और लौट जाते है, आर्थिक स्थिति डाॅवाडोल चल रही है आदि समस्यायें चल रही है तो व्यवसाय के परिसर के मुख्यद्वार के सामने या अन्दर लॉबी में एक पानी का फव्वारा लगा देने से व्यापार में दिन-दूनी, रात-चैगुनी प्रगति होने लगती है।
- दूसरा उपाय-व्यवसाय स्थल में आठ सुनहरी तथा एक काली मछली को एक्वेरियम में रखी जाये तो भी व्यापार में वृद्धि होती है।
- नकसीर रोग में-जो लोग नकसीर के रोग से परेशान रहते है, वे गर्म पानी में हाथ पैर धोकर तथा गाय का सूखा गोबर बारीक पीसकर सूॅघने से नकसीर रोग में लाभ मिलता है।
- बैचेनी दूर करने के लिए-किसी भी कारण से अगर बहुत बैचेनी महसूस हो रही या तनाव अधिक हो तो एक गिलास पानी लेकर उसमें निम्न मन्त्र ‘‘ऊॅ हंसः हंसः'' की 21 बार फॅूक मारकर पानी पीने से बैचेनी व तनाव कम हो जाता है।
- बच्चा पानी न पीता हो-कभी-कभी बच्चा पानी नहीं पीता है व उल्टी कर देता है तो ऐसे में एक लोटा पानी लेकर बच्चे के के सिर पर से सात बार उतार कर दरवाजे के बाहर बाॅयें-दाॅयें तरफ डाल दें। ये उपाय करने से बच्चा शीघ्र ही पानी पीने लगता है।
- किसी को अपने अनुकूल करने के लिए-आर्दा नक्षत्र में नदीं में एक डुबकी लगाकर, थोड़ी सी रेत निकाल लें फिर उसे रेत को अपने इष्टदेव की आराधना करके उसे सिद्ध कर लें। इस रेत को जिस पुरूष के मस्तक पर डाल दिया जायेगा। वह आपके अनुकूल हो जायेगा।
- धन वृद्धि हेतु-रविवार रात्रि को शयन करते समय एक लोटा जल अपने सिराहने के नीचे रखकर सो जायें। प्रातः स्नानादि से निवृत होकर लोटे के जल को कीकर के वृक्ष पर चढ़ा दें। यह उपाय लगातार 7 रविवार को करने से धन की स्थिति में मजबूती आती है।
- प्रातःकाल उठकर झाड़ू लगाकर घर के मुख्यद्वार पर जल चढ़ाने से धन में वृद्धि होती है।
- भोजन में नजर न लगें-भोजन से पूर्व थाली के नीचे जल से क्रास बनाकर भोजन करने से भोजन पर किसी की नजर नहीं लगती है।
- झगड़े व कलह से बचने के लिए-यदि आपके घर में बिना वजह अक्सर झगड़े, रोग, आरोप-प्रत्यारोप होते रहते है तो रात्रि को सोते समय पलंग के नीचे एक लोटे में जल रखें। प्रातःकाल लोटे के जल को किसी ऐसे स्थान पर डालें जॅहा उसका अपमान न हों। ऐसा करने से घर के क्लेश धीरे-धीरे दूर होने लगते है।

यदि आपके व्यवसाय में धीरे-धीरे प्रगति हो रही है तो....

तनाव अधिक हो तो













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