यदि आप चन्द्रमा से पीड़ित हैं तो कीजिए ये उपाय

लखनऊ। यदि आप चन्द्रमा से पीड़ित है, आपको चन्द्र की दशा-अन्तर्दशा चल रही हो या चन्द्रमा छठें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो या पाप ग्रहों ये युत दृष्ट हो, किसी भी प्रकार से चन्द्रमा कमजोर हो, यदि चन्द्रमा कुण्डली के किसी भाव में पीड़ित होकर बैठा हो तो मातृ कष्ट, मानसिक कष्ट, कफ रोग, फेफड़े का रोग या धन की हानि आदि समस्यायें होती है। एकादश भाव में चन्द्र व तीसरे भाव में केतु हो तो माता को प्रसव के समय कष्ट, जलप्रवास, दूर की यात्रा में कष्ट होता है। आठवें भाव में चन्द्र हो लग्न में राहु जब गोचर करे तो उस वर्ष जातक को बड़ा कष्ट होता है। जैसे-सन्तान से कष्ट, फेफड़ों के रोग, गुर्दे, मिर्गी व कैंसर आदि रोग भी हो सकते है।

सोमवार का उपवास रखें नमक न खाएं

सोमवार का उपवास रखें नमक न खाएं

लाभ भाव में चन्द्र व केतु हो या किसी भी भाव में चन्द्र-केतु हो तो दादाी के जीवित रहने तक पुत्र सन्तान नहीं होती है या पुत्र अन्धा, कष्टकारी या अल्पायु होता है। ऐसा होने पर पुत्र होते ही मां सन्तान की अपने दूध से मुख व आंखें धोये। सोमवार का उपवास रखें नमक न खायें। रात्रि के प्रथम प्रहर में शंकर जी के मंदिर में जाकर शिवलिंग का पंचामृत से स्नान करायें व बेलपत्र एवं सफेद पुष्प चढ़ायें। चन्द्र को शान्त करने के लिए शंकर जी से प्रार्थना करें।

निम्न उपायों से चन्द्रमा मजबूत होगा

निम्न उपायों से चन्द्रमा मजबूत होगा

  • रविवार रात्रि को सफेद बर्तन में दूध को सिरहाने रखें। सोमवार को प्रातः काल उठने के बाद किसी से न बोलते हुये दूध को पीपल या बबूल के पेड़ पर चढ़ायें।
  • लाल रंग का पत्थर या गुड़ मिटटी में दबायें।
  • शमशान के कुएं का पानी अपने घर में रखने से चन्द्र मजबूत होता है।
  • मां के चरण स्पर्श करके घर से निकले व छोटे बच्चों को दूध पिलायें।
  • चांदी का चन्द्रमा बनवाकर उसका नित्य पूजन करें।
  • श्वेत लिंग का पूजन करें

    श्वेत लिंग का पूजन करें

    • खिरनी की जड़ को शुद्ध करके ताबीज में पहनें।
    • श्वेत लिंग का पूजन करने से भी चन्द्रमा बलवान होता है।
    • आठवें भाव में शनि, चन्द्र हो या वृश्चिक का चन्द्र हो तो यदि घर के पास कुआॅ हो तो इसे बन्द करा दे।
    • यदि चन्द्रमा लग्न में या में राशि में पापाक्रान्त हो अथवा पक्षबल हीन हो तो ऐसे जातक को दूध का व्यवसाय नहीं करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को प्राकृतिक जल, चावल, चाॅदी, दूध आदि वस्तुओं को ग्रहण करना चाहिए।
    • यदि चन्द्रमा तृतीय भाव में हो तो...

      यदि चन्द्रमा तृतीय भाव में हो तो...

      • यदि चन्द्रमा तृतीय भाव में अथवा मिथुन राशि में पापाक्रान्त हो अथवा पक्षबल हीन होकर अनिष्ट फल दे रहा हो तो सफेद रंग के कपड़े कन्याओं को दान करें।
      • चन्द्रमा यदि चतुर्थ भाव में कमजोर होकर अशुभ फल दे रहा है तो जातक को रात्रि में दूध का सेंवन नहीं करना चाहिए और दूसरों को निःशुल्क दूध पिलाना चाहिए।
      • यदि चन्द्रमा अष्टम भाव में होकर आपको कष्ट दे रहा है तो शमशान की सीमा के अन्दर स्थित कुएॅ का पानी अपने घर में रखें तथा मृतकों को कफन दान दें। शमशान घाट पर जल सेवा शुरू कर दें।
      • यदि चन्द्रमा दशम भाव में अथवा मकर राशि में स्थित होकर अनिष्ट कर रहा है तो रात्रि में कभी दूध न पियें वरना और कष्ट बढ़ेगे। ऐसे जातक को दूध व जल दान करना चाहिए।
      • चन्द्रमा यदि लाभ भाव में अथवा मकर राशि में स्थित होकर अनिष्ट कर रहा है तो भैरव जी या काले शिवलिंग के मन्दिर में दूध चढ़ायें व काले कुत्ते के बच्चे को दूध पिलायें।
      • चन्द्रमा कुंभ राशि या ग्यारहवें भाव में होने पर स्त्री के प्रसव के समय जातक की माता वहाॅ से अन्य स्थान को चली जाती है तथा वह शिशु के जन्म के 42-43 दिन बाद ही अपने बच्चे का मुख देख पाती है।
      • चन्द्रमा के कारण अगर नींद में बाधा आ रही है तो सोने की चारपाई के चारों ओर ताॅबे की कील गड़वा देने से लाभ मिलता है।

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