Ashoka tree: जानिए अशोक वृक्ष के चमत्कारिक लाभ
लखनऊ। इस वृक्ष को प्रायः प्रत्येक स्थलों पर सौन्दर्य हेतु लगाया जाता है। यह दो प्रकार के होते हैं। एक के पत्ते रामफल जैसे व फल नारंगी रंग के होते हैं। दूसरे के पत्ते आम के पत्ते जैसे होते है। जहां पर अशोक होता है वहां पर कोई शोक नहीं होता है।
आइए जानते है अशोक वृक्ष से किन-किन समस्याओं का निराकरण होता है...
- धन-धान्य हेतु-यह वृक्ष जिस किसी के द्वार पर लगाये जातें, उस घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहती है। इसी कारणवश हर घर में इसे बदनवार की तरह लगाया जाता है।
- साधना में सफलता हेतु-इस वृक्ष के नीचे बैठकर साधना करने से शीघ्र सफलता प्राप्त होती है।

दाम्प्त्य कलह निवारणार्थ
पति-पत्नी में अक्सर अनबन रहती है तो अशोक के 7 पत्ते मन्दिर में रखकर पूजा करें। पत्ते मुरझा जाये तो पुराने पत्तों के स्थान पर नये पत्तें रख दें। पुराने पत्ते पीपल के पेड़ के नीचे डाल दें। ऐसा कम से कम 40 दिन लगातार करने से पति-पत्नी के आपसी रिश्ते मधुर हो जाते है।

शोक नाशक
- अशोक का पेड़ शोक नाशक होता है। इसे घर में लगाने से या फिर इसकी जड़ धारण करने से व्यक्ति अकाल मृत्यु नहीं होती है।
- दरिद्रता नाशक-इसके फूल को पीसकर शहद के साथ खाने से घर में दरिद्रता नहीं रहती है, साथ में देवी पूजा करें तथा लक्ष्मी मन्त्र या स्त्रोत का जाप करने से लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।
- इसकी छाल को उबालकर पीने से स्त्री के गुप्त रोग नष्ट हो जाते है और स्त्री का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
- चिन्ता नाशक-अशोक के तीन पत्ते लेकर प्रातःकाल ही निराहार मुंह चबाने से मानसिक चिन्ता का शमन होता है।
- अगर आप देवी जी के उपासक है तो प्रतिदिन अशोक के पेड़ को जल से सीचें तथा देवी जी के कम से कम 11 मन्त्र इस पेड़ के सम्मुख नित्य जपें। ऐसा करने से माॅ भगवती की विशेष कृपा बनी रहती है।
- नौकरी में सफलता के लिए-यदि आप चाहते है कि नौकरी में दिन-दूनी रात-चैगुनी वृद्धि हो तो अशोक पेड़ के बीजों को एक ताबीज में भरकर गले में धारण करें।

रोगनाशक













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