ग्रहण दोष लगाता है जीवन पर ग्रहण
ग्रहण दोष जिस भाव में बनता है उस भाव से संबंधित परिणामों पर यह अशुभ प्रभाव डालता है।
नई दिल्ली। मनुष्य के जीवन में आने वाले सुख-दुख, लाभ-हानि, यश-अपयश, रोग, ये सब ग्रह नक्षत्रों की चाल और गति पर निर्भर करते हैं। कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी मनुष्य को जीवन में हानि ही मिलती रहती है, जबकि कई लोगों को थोड़ी से मेहनत के बाद मनचाहा परिणाम मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों के माध्यम से जीवन में आने वाली अच्छी-बुरी घटनाओं का आकलन किया जाता है।
ज्योतिष में ऐसे अनेक योगों का विस्तार से वर्णन मिलता है जो यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में हो तो बुरे प्रभाव दिखाते हैं। इन्हीं में से एक है ग्रहण दोष। ग्रहण दोष एक अशुभ योग है जो जिस कुंडली में होता है उस व्यक्ति का जीवन कष्टप्रद हो जाता है। उसके जीवन में न तो तरक्की होती है और न आर्थिक परेशानियों से उबर पाता है। अज्ञानतावश उस व्यक्ति का पूरा जीवन संकटग्रस्त बीतता है। यदि योग्य ज्योतिष के पास जाकर ग्रहण दोष का निवारण करवा लिया जाए तो परेशानियां काफी हद तक कम हो जाती है।

ग्रहण दोष क्या होता है
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण दोष की विस्तृत परिभाषा दी गई है। उसके अनुसार जब किसी जन्मांगचक्र यानी लग्न कुंडली के द्वादश भावों में से किसी एक भाव में सूर्य या चंद्र के साथ राहु या केतु में से कोई एक ग्रह बैठा हो तो ग्रहण दोष बनता है। इसके अलावा यदि सूर्य या चंद्रमा के घर में राहु-केतु में से कोई एक ग्रह मौजूद हो तो यह ग्रहण दोष कहलाता है। ग्रहण दोष जिस भाव में बनता है उस भाव से संबंधित परिणामों पर यह अशुभ प्रभाव डालता है। उदाहरण के तौर पर यदि देखा जाए तो द्वितीय भाव धन स्थान कहलाता है। यदि इस भाव में ग्रहण दोष लगता है तो व्यक्ति जीवनभर आर्थिक परेशानियों से जूझता रहता है। एक संकट टलते ही दूसरा आ जाता है। कार्य-व्यवसाय ठीक से नहीं चलता। नौकरी में बार-बार बदलाव होता है। धन की बचत नहीं हो पाती। आर्थिक कार्य होते-होते रूक जाते हैं।

ग्रहण दोष के लक्षण और प्रभाव
ग्रहण दोष मुख्यतः सूर्य या चंद्र के साथ राहु या केतु की उपस्थिति के कारण बनता है। जिस प्रकार सूर्य या चंद्र ग्रहण होने पर अंधकार सा छा जाता है, उसी तरह कुंडली में ग्रहण दोष लगने पर जीवन में आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक, नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में लाभ जैसी स्थितियों पर भी ग्रहण लग जाता है। व्यक्ति की तरक्की बाधित हो जाती है। जब किसी के जीवन में अचानक परेशानियां आने लगे, कोई काम होते-होते रूक जाए। लगातार कोई न कोई संकट, बीमारी बनी रहे तो समझना चाहिए कि उसकी कुंडली में ग्रहण दोष लगा हुआ है।

ग्रहण दोष का निवारण
ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक संकट का निवारण भी बताया गया है। यदि आप ग्रहण दोष से परेशान हैं तो किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर उसका उचित निवारण करवाना चाहिए। इस योग का पूर्ण निवारण केवल चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के दिन ही किया जा सकता है। इसलिए पहले से किसी ज्योतिष से सलाह लेकर निवारण का दिन निश्चित कर लेना चाहिए। हालांकि तात्कालिक परेशानियों को कम करने के लिए कुछ उपाय अन्य दिनों में भी किए जा सकते हैं। जो इस प्रकार हैं:
1. यदि आपने कोई गुरु बना रखा है तो गुरु की सेवा करें। गुरु मंत्र का जाप करते रहें।
2. सूर्य के कारण ग्रहण दोष बना है तो नियमित सूर्य को जल चढ़ाएं। आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें। रविवार को नमक का सेवन न करें। किसी कन्या को लाल वस्त्र दान करें।
3. यदि चंद्र के कारण ग्रहण दोष बना है तो श्वेत वस्त्र दान करें। सोमवार को किसी कन्या को केसर डालकर चावल की खीर खिलाएं।
4. महामृत्युंजय मंत्र के सवा लाख जाप करें।
5. राहु और केतु की शांति के लिए शिव और हनुमान की आराधना करें।

यंत्र से ग्रहण दोष का निवारण
जन्मकुंडली में बने ग्रहण दोष का निवारण सिद्ध यंत्रों के जरिए भी किया जाता है। जिन लोगों को ग्रहण दोष लगा हुआ है उन्हें महामृत्युंजय यंत्र, हनुमत यंत्र या राहु-केतु के यंत्रों में से किसी एक की स्थापना अपने घर के पूजा स्थान में करना चाहिए। यदि आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं तो अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान में भी महामृत्युंजय यंत्र लगाएं।
-
'मैं बिस्तर पर थी और पति ने मेरे साथ', वड़ा पाव गर्ल Chandrika Dixit का शॉकिंग खुलासा, वीडियो में दिखा ये सब -
Nishant Kumar Profile: क्या करते हैं निशांत? 50 साल के नीतीश के बेटे ने क्यों नहीं की शादी? बनेंगे डिप्टी CM! -
Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार में 'नीतीश युग' का अंत? CM के राज्यसभा जाने से फूट-फूटकर रोए राजीव रंजन -
US Iran War: Trump को लेकर की 3 भविष्यवाणियां, 2 हुईं सच- तीसरी का इंतजार, अब वायरल हो रहा चीनी प्रोफेसर-Video -
Janak Ram कौन हैं, जिन्हें बिहार CM बना सकती है BJP? राजनीति में कितने प्रबल? समझें -
Who will be Next Bihar CM: बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? इन 5 नेताओं में से से कोई एक बनेगा CM, क्या है जाति? -
नपुंसक था खामेनेई का बेटा Mojtab! नहीं टिकी 2 बीवी, बाप बनने के लिए सालों कराया इलाज, फिर प्रेग्नेंट हुई पत्नी -
Gold Rate Today: होली के बाद सोने में बड़ी गिरावट! ₹4,923 सस्ता हुआ गोल्ड— 5 मार्च के ताजा रेट जानिए -
PM Kisan Yojana: होली भी बीत गई, अब कब आएंगे 22वीं किस्त के पैसे? पीएम किसान पर आया लेटेस्ट अपडेट -
Silver Price: चांदी खरीदारों की लगी लॉटरी, कीमतों में आई बड़ी गिरावट, कितना हुआ 1 किलो सिल्वर का दाम? -
मिडिल ईस्ट तनाव पर Nora Fatehi का सनसनीखेज खुलासा, अब 3 मिनट के वीडियो ने काटा बवाल, क्यों मचा हंगामा? -
Nitish Kumar के राज्यसभा जाते ही बिहार का नया CM कौन? Tejashwi की भविष्यवाणी सच होगी? BJP की 'गोटी' फिक्स?












Click it and Unblock the Notifications