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Dhanteras 2018: राशियों के मुताबिक करें धनवंतरि देव का पूजन और पाएं रोगों से छुटकारा

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लखनऊ। कार्तिक मास की त्रयोदशी को सांयकाल के समय घर में मुख्य द्वार पर दीपक जलाना चाहिए। इससे अकाल-मृत्यु दोष नष्ट होता है। धनतेरस के दिन द्वार पर तेल का दीपक जलाने की प्रथा प्रचलित है। त्रयोदशी के दिन स्वास्थ्य के देवता धनवंतरि का जन्मोत्सव मनाया जाता है। शरद् ऋतु का मौसम हमारे शरीर के लिए अनुकूल होता है, इस मौसम में पाचन शक्ति काफी मजबूत हो जाती है और हम जो भी खाद्य रूप में ग्रहण करते है, वह अच्छी तरह से पच जाता है। ठंडक के मौसम की अधिकतर सब्जिया स्वास्थ्य वर्धक और स्वाद युक्त होती है। अतः हम-सभी धनवंतरि देव के जन्मोत्सव पर स्वास्थ्य का बैंक बैलेंस बढ़ा कर पूरे वर्ष रोग की किस्त अदा करने का सकंल्प लें।

खरीद्दारी व पूजन करने का शुभ मुहूर्त

खरीद्दारी व पूजन करने का शुभ मुहूर्त

  • अमृ्त काल मुहूर्त 16:30 से 18:00 तक
  • उपरोक्त में लाभ समय में पूजन करना लाभों में वृ्द्धि करता है। शुभ काल मुहूर्त की शुभता से धन, स्वास्थय व आयु में शुभता आती है। सबसे अधिक शुभ अमृ्त काल में पूजा करने का होता है।
  • सांय काल में शुभ महूर्त-
  • प्रदोष काल का समय 17:31 से 20:04 तक रहेगा, स्थिर लग्न 18:10 से 20:09 तक रहेगा। धनतेरस की पूजा के लिए उपयुक्त समय 18:10 से 20:04 के मध्य तक रहेगा।

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 राशियों के मुताबिक करें धनवंतरि देव का पूजन

राशियों के मुताबिक करें धनवंतरि देव का पूजन

  • मेष- इस राशि के लोग धनवंतरि देव का चित्र रख कर विधिवत पूजन करें एंव गुड़ एंव छुआरे का भोग लगायें।
  • वृष- खीर में इलायची व केसर डालकर धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग नष्ट होगा और धन-धान्य से आप परिपूर्ण होंगे।
  • मिथुन- सौंफ, गोरोचन व शहद से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग का शमन होगा।
  • कर्क- सफेद सुहागा, मिश्री और घी से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग समाप्त होगा।
  • धनवंतरि देव का पूजन

    धनवंतरि देव का पूजन

    • सिंह- गुलाब जल, गुड़ व बादाम से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग का नाश होगा।
    • कन्या- पिपली, शहदएंव मिश्री से धनवंतरि देव का पूजन करने का भोग लगाकर रोग नष्ट होगा।
    • तुला- ईसबगोल की भूसी, शहद व दही का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग खत्म होंगे।
    • वृश्चिक- लाल चन्दन, गुलाब फूल, गुड़ व बादाम का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग का नाश होगा।
    •  रोग का शमन होगा

      रोग का शमन होगा

      • धनु- दूध, हल्दी, पीले फूल व गोंद का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग का शमन होगा।
      • मकर- तिल, गोंद व शिलाजीत का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग नष्ट होंगे।
      • कुम्भ- लौंग, लौह भस्म, व तिल का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग समाप्त होगा।
      • मीन- केसर, चिरौंजी, मिश्री, व शहद का भोग लगाकर धनवंतरि देव का पूजन करने से रोग समाप्त होंगे।
      • नोट- उपरोक्त उपाय को श्रद्धा पूर्वक करने से लाभ अवश्य होगा। धनवंतरि देव को अर्पित प्रसाद स्वंय जरूर ग्रहण करें।

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English summary
Dhanteras is the first day of five days long Diwali festivities. On the day of Dhantrayodashi, Goddess Lakshmi came out of the ocean during the churning of the Milky Sea.
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