Buddha ki Badli Chaal: पुष्य नक्षत्र में बुध का प्रवेश, नौ दिन रहेंगे खास, जानिए क्या होगा राशियों पर असर?
Buddha ki Badli Chaal: बुध को बौद्धिक क्षमता, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा आदि का ग्रह माना जाता है और पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। इसी बुध ग्रह का पुष्य नक्षत्र में गोचर 1 जुलाई को प्रात: 8 बजकर 35 मिनट से प्रारंभ है।
यह संयोग सभी के लिए लाभदायक रहने वाला है। यह गोचर 9 दिन के लिए होगा। बुध 9 जुलाई तक पुष्य नक्षत्र में रहेगा। इसलिए ये नौ दिन अत्यंत विशेष रहने वाले हैं।

पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि हैं। इसलिए इस नक्षत्र में किसी भी ग्रह का आना उसे विशेष बना देता है। चूंकि बुध व्यापार और वाणिज्य का ग्रह है इसलिए पुष्य नक्षत्र में इसके प्रवेश करने से ही व्यापारियों की चांदी होने वाली है। उनका व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा और उन्हें अनेक प्रकार के लाभ होने वाले हैं।
नए काम प्रारंभ करने के लिए यह दिन श्रेष्ठ रहेगा। इस नक्षत्र भ्रमण से बुध के आधिपत्य वाली राशियां मिथुन और कन्या को विशेष लाभ होगा। इन राशि के जातक यदि शिक्षा के क्षेत्र में हैं या व्यापार करते हैं तो उन्हें अच्छी सफलता मिलने वाली है।
कर्क राशि के जातकों को भी अनेक प्रकार से लाभ मिलेंगे
वर्तमान गोचर में बुध कर्क राशि में भ्रमण कर रहा है इसलिए कर्क राशि के जातकों को भी अनेक प्रकार से लाभ मिलने वाले हैं। इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कार्य सुगमतापूर्वक पूरे होंगे।
क्या करें पुष्य में बुध के समय
पुष्य नक्षत्र में बुध के गोचर के दौरान खरीदारी करना शुभ रहेगा। भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन खरीदने के लिए यह समय अच्छा है। नए व्यापारिक अनुबंध करने, नए व्यापार प्रारंभ करने और यात्राओं के लिए यह समय शुभ रहेगा।
क्या उपाय करें
1 से 9 जुलाई तक सभी जातक नियमित रूप से भगवान श्रीगणेशजी, श्रीहरि विष्णु और हनुमानजी के दर्शन करें। उनकी पूजा करें। अपने मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं। पेड़-पौधों की सेवा करें।












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