Blue Supermoon Today: आज है 'ब्लू सुपरमून'की रात , क्या सच में चांद का रंग होगा नीला? जानिए यहां
Super Blue Moon Today: आज सावन मास की पूर्णिमा है और आज के दिन आपको आकाश में पूरा चांद नजर आएगा लेकिन सोमवार रात का चांद थोड़ा अलग होगा, जिसे देखने के बाद आप शायद उससे नजरें हटा भी नहीं पाएंगे।
दरअसल आज आपको नीले-नीले अंबर पर 'ब्लू सुपरमून' दिखाई देगा। अब आप ये ना सोच लें कि अज आपको चांद नीला नजर आएगा।

दरअसल जब एक ही महीने में दो पूर्णिमा आती है तो उस मून को "ब्लू मून" कहा जाता है और जब पूर्णिमा का चंद्रमा आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा बड़ा और चमकीला नजर आता है तो उसे 'सुपर मून' कहा जाता है, इसलिए आज का चांद 'ब्लू सुपरमून' है।
बड़ा, आकर्षक, सुंदर और चमकीला चांद
आपको बता दें कि जब चांद, पृथ्वी के काफी करीब होता है तो वो बड़ा, आकर्षक और चमकीला दिखाई देता है। आज यह सुपरमून रात को करीब 11.55 पर सबसे बड़ा और अधिक चमकीला नजर आएगा। भारत में आज की रात से 20 अगस्त की सुबह तक नजर आएगा।
आकाश में चांद 30 प्रतिशत अधिक चमकीला
वैज्ञानिकों के मुताबिक आज आपको आकाश में चांद 30 प्रतिशत अधिक चमकीला और 14 प्रतिशत अधिक बड़ा नजर आएगा। मालूम हो कि 'सुपर ब्लू मून ' एक अत्यंत दुर्लभ खगोलीय घटना है।
'ब्लू मून' की घटना हर 2.5 से 3 साल में होती है
'ब्लू मून' की घटना हर 2.5 से 3 साल में होती है। यह वर्ष 2024 का पहला सुपरमून है। आज के बाद अगला मून 17-18 सितंबर को दिखाई देगा। जिसे कि हार्वेस्ट मून (Harvest Moon) कहा जाएगा।
खगोलीय महत्व (Astronomical significance of Superbluemoon)
सुपर ब्लू मून का खगोलीय महत्व अधिक है। खगोलशास्त्रियों के लिए यह घटना पृथ्वी और चंद्रमा के बीच के संबंध को समझने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है। यह घटना चंद्रमा की कक्षा, उसके आकार, और पृथ्वी पर उसके प्रभाव के अध्ययन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सांस्कृतिक और ज्योतिषीय महत्व ()
सुपर ब्लू मून का सांस्कृतिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी महत्व रखता है। कई संस्कृतियों में, चंद्रमा को विशेष महत्व दिया जाता है और सुपर ब्लू मून को शुभ और विशेष अवसर के रूप में माना जाता है। ज्योतिष में, इसे परिवर्तन और नई शुरुआत से जोड़ा जाता है। ब्लू मून का अर्थ कतई रंग से नहीं हैं।
मन की शीतलता के लिए उपवास रखा जाता है
धर्म शास्त्रों में तो पूर्णिमा का दिन बेहद पावन माना जाता है। लोग मन की शीतलता के लिए आज के दिन उपवास रखते हैं और चांद की पूजा करते हैं। कहते हैं कि पूर्णिमा का व्रत रखने से लोगों की हर मनोकामना पूरी होती है और इंसान को हर तरह के कष्ट से छुटकारा मिल जाता है। लोग आज के दिन दान-पुण्य भी करते हैं, मान्यता है कि ऐसा करने से इंसान के घर पर सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।












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