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एकाक्षी नारियल के चमत्कार जानकर हैरान हो जाएंगे आप

आम नारियल की जटा को हटाकर देखेंगे तो उसमें दो या तन आंख के समान बंद छिद्र दिखाई देते हैं, लेकिन एकाक्षी नारियल वह होता है जिसमें एक ही आंख हो।

नई दिल्ली। श्रीफल यानी नारियल हिंदू पूजा पद्धतियों की सामग्रियों में प्रमुख स्थान रखता है। बिना श्रीफल के पूजा अधूरी मानी जाती है। किसी भी पूजा में यदि श्रीफल का प्रयोग किया गया तो वह सफल होती है और व्यक्ति को समस्त सुख, ऐश्वर्य प्रदान करती है।

इसलिए इसे श्रीफल यानी लक्ष्मी प्रदान करने वाला कहा जाता है। श्रीफल का जितना महत्व सात्विक पूजा पद्धतियों में है उतना ही तंत्र प्रयोगों में भी इसका इस्तेमाल होता है। तांत्रिक ग्रंथों में एकाक्षी नारियल का विस्तृत वर्णन और इसके अनेक प्रयोग बताए गए हैं, जिनसे व्यक्ति अपनी विभिन्न कामनाओं की पूर्ति करने में सक्षम होता है।

आइये जानते हैं एकाक्षी नारियल में क्या-क्या प्रयोग होते हैं...

 एकाक्षी नारियल

एकाक्षी नारियल

आम नारियल की जटा को हटाकर देखेंगे तो उसमें दो या तन आंख के समान बंद छिद्र दिखाई देते हैं, लेकिन एकाक्षी नारियल वह होता है जिसमें एक ही आंख हो। तांत्रिक प्रयोगों में इसका बहुतायत में प्रयोग किया जाता है। सच तो यह है कि एकाक्षी नारियल सर्वसिद्धिदायक माना गया है।

एकाक्षी नारियल में क्या-क्या प्रयोग होते हैं...

एकाक्षी नारियल में क्या-क्या प्रयोग होते हैं...

  • लक्ष्मी साधना में एकाक्षी नारियल प्रमुखता से प्रयुक्त किया जाता है। घर में एकाकी नारियल होना ही अपने आप में सबसे बड़ा शुभता का प्रतीक है। इसे घर के पूजा स्थान में या तिजोरी, लॉकर में रखा जाता है।
  • चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के दिन रात्रि में एक एकाक्षी नारियल पर कुंकुम लगाकर, लाल कपड़े में सात गोमती चक्र के साथ बांधक तिजोरी में रखें। प्रत्येक पूर्णिमा को इसे गुग्गुल की धूप दें। घर में चमत्कारिक रूप से सुख-समृद्धि आने लगती है।
  • धन स्थान या घर के लॉकर

    धन स्थान या घर के लॉकर

    • दीपावली की रात्रि में महालक्ष्मी पूजा में एकाक्षी नारियल रखें। इसे अपने कार्यस्थल के धन स्थान या घर के लॉकर में हमेशा रखें। धन की आवक बढ़ने लगती है।
    • यदि परिवार का कोई व्यक्ति बीमार चल रहा है तो कृष्णपक्ष की अष्टमी के दिन सायंकाल में उसके सिर से 21 बार एकाक्षी नारियल घुमाकर बहते जल में प्रवाहित करें। धीरे-धीरे रोगी ठीक होने लगता है।
    • भगवान शिव को नारियल अत्यंत प्रिय है। वह भी एकाक्षी हो तो फिर सोने पे सुहागा। प्रदोष के दिन शिवजी को एकाक्षी नारियल अर्पित करें। अपनी कामना उनसे कहें। आप देखेंगे आपकी इच्छाएं जल्द पूरी हो रही हैं।
    • ग्रह दोष शांत करता है

      ग्रह दोष शांत करता है

      • जिन युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो पा रहा है। वे लगातार तीन गुरुवार एकाषी नारियल को पीले पुष्प के साथ बहते जल में प्रवाहित करें। शीघ्र ही विवाह का प्रस्ताव प्राप्त होगा और योग्य जीवनसाथी मिलेगा।
      • एकाक्षी नारियल समस्त ग्रह दोष शांत करता है। इसलिए यदि ग्रहों से पीडि़त समस्याएं आ रही हैं तो एकाक्षी नारियल पूजा स्थान में रखकर नियमित पूजा करें।
      • एकाक्षी नारियल घर में होने से बुरी नजर, नकारात्मक उर्जा दूर रहती है।
      • अत्यंत पवित्र

        अत्यंत पवित्र

        • एकाक्षी नारियल अत्यंत पवित्र और दैवीय शक्तियों से भरपूर होता है। इसे यहां-वहां बिलकुल न रखें। साफ-स्वच्छ पूजा स्थान में ही रखें।
        • किसी व्यक्ति की बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हों तो उसे किसी भी माह की कृष्णपक्ष की अष्टमी को एक एकाक्षी नारियल लेकर उसे अपने सिर से सात बार घुमाकर बहते जल में प्रवाहित करें।

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