जानिए पोखराज रत्न की विशेषता और महत्व
यह महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी होता है। इसे पहनने से विद्यार्थियों को लाभ मिलता है, पत्नी को पति सुख मिलता है।
लखनऊ। पोखराज बृहस्पति ग्रह का रत्न है। बृहस्पति अशुभ व पापी होने पर लोग पोखराज धारण करते है। पोखराज धारण करने से व्यक्ति की महत्वॉकाक्षाओं में वृद्धि होती है, धन-सम्पत्ति, पुत्र सुख, स्त्री सुख आदि मिलता है।
यह महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी होता है। इसे पहनने से विद्यार्थियों को लाभ मिलता है, पत्नी को पति सुख मिलता है। पेट के रोगियों को पोखराज पहनने से लाभ होता है।

पुखराज के अन्य नाम
- पुखराज, पुष्पराज, पीत स्फटिक, पीत मणि, याकून, गुरू रत्न, गुरू वल्लभ पीलूराज आदि।
- भौतिक गुण-कठोरता 08, आपेक्षिक घनत्व 3.50 से 3.53 तक, वर्तनाक 1.61 तथा 1.627, दुहरावर्तन 1.008 तथा अपकिरणन 0.014 है।
- शुद्ध पुखराज तो रंगहीन रत्न है किन्तु पीले रंग के पोखराज को ही बृहस्पति का रत्न माना जाता है।
- सफेद रंग का पोखराज भी पाया जाता है।
- प्राचीन काल में क्राईसोलाइट तथा पीला स्फटिक साइट्री ही पुखराज के नाम से बिकते थे।
- आजकल पीले नीलम अर्थात प्राच्य पोखराज को ही पोखराज मानते है।
- पोखराज प्रायः ग्रेनाइट, नाइस तथा पैगमेटाइट शिलाओं में मिलता है, जिनमें आग्नेय पथार्थ बिन बुलाये मेहमान की तरह आ घुसते है और इन पदार्थो से निकलने वाली जल वाष्प तथा फलोरीन गैस की अन्तः क्रिया से पोखराज बन जाते है।
- उत्तम कोटि का पोखराज ब्राजील की खानों से प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त श्रीलंका, मैक्सिको व जापान आदि में मिलते है।
- यह पारदर्शी होता है, भारी होता है, स्थूल होता है, स्पर्श करने पर चिकना महसूस होता है और पोखराज का रंग पीले कनेर जैसा होता है।
- सफेद कपड़े पर पोखराज रखकर सूर्य की धूप में देखें तो कपड़े पीली छाईं सी दिखाई देगी।
- पोखराज को गोबर से रगड़ने पर उसका रंग मटमैला न होकर अधिक चमकने लगता है। यह असली पोखराज का गुण है।
- यदि पोखराज पर चोट मारी जाये तो यह एक दिशा में ही टूटेगा।
- असली पोखराज को गर्म करने पर वह सफेद रंग का हो जाता है।
- पोखराज को 24 घंटे दूध में रखने के बाद भी यदि उसकी चमक न जाये तो समझो पोखराज असली है।
- जिस पोखराज में काले छींटे दिखाई दे वह गृहस्थ जीवन में तनाव की स्थिति पैदा करता है।
- ऐसा पोखराज को कतई धारण न करें जिसमें जाल दिखाई क्योंकि इसे पहनने से सन्तान को कष्ट मिल सकता है।
- खड्डा युक्त पोखराज धन व सम्पत्ति को नाश करता है, इसलिए ऐसे पोखराज को नहीं पहनना चाहिए।
- जिस पोखराज में दो रंग दिखलाई पड़े। उसे पहनने से रोग में वृद्धि होती है।
- जिस पोखराज मेें खड़ी लकीरे दिखाई दें, वह बन्धु-बान्धवों का नाश करने वाला होता है।
- अगर किसी पोखराज मेें श्वेत धब्बा है तो वह पोखराज मृत्युकारक होता है।
- ऐसा पोखराज जिसमें लाल छीटें दिखाई दे, वह आर्थिक हानि कराता है।

रंग

पोखराज उद्गम स्थान

असली पोखराज की पहचान

दोषयुक्त पोखराज धारण करने से हानि
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