Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 30 अगस्त 2025, शनिवार
30 अगस्त 2025 को, यह दिन ललिता सप्तमी के उत्सव का प्रतीक है। यह भाद्रपद महीने में, सप्तमी शुक्ल पक्ष के दौरान, कलायुक्ता विक्रम संवत के वर्ष 2082 में आता है। इस दिन का सूर्य चिन्ह सिंह है। यह अवधि हिंदू कैलेंडर में महत्वपूर्ण है, जिसमें इस अवसर का सम्मान करने के लिए विभिन्न अनुष्ठान और परंपराएं मनाई जाती हैं।

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय 🌅🌕
| सूर्योदय | 05:38 पूर्वाह्न |
| सूर्यास्त | 06:19 अपराह्न |
| चंद्रोदय | 11:42 पूर्वाह्न |
| चंद्रास्त | 10:22 अपराह्न |
हिंदू कैलेंडर 🗓️
| तिथि | सप्तमी रात्रि 10:46 तक, तत्पश्चात अष्टमी |
| नक्षत्र | विशाखा दोपहर 02:37 बजे तक, फिर अनुराधा |
| योग | इन्द्र दोपहर 03:10 बजे तक, तत्पश्चात वैधृति |
| करण | गैराज सुबह 09:34 बजे तक, उसके बाद वनीजा |
| काम करने के दिन | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
चंद्र मास, संवत और वर्ष 🌛
| विक्रम संवत | 2082 कलायुक्त |
| संवत्सर | कालायुक्त 03:07 अपराह्न तक, 25 अप्रैल 2025, तत्पश्चात सिद्धार्थी |
| शक संवत | 1947 विश्वावसु |
| गुजराती संवत | 2081 नाला |
| चंद्रमास | भाद्रपद (पूर्णिमान्त और अमान्त) |
| दाएँ/गेट | 14 |
चंद्र राशि, सूर्य राशि और नक्षत्र ♈♉♊
| राशि | तुला प्रातः 07:53 तक, तत्पश्चात् वृश्चिक |
| नक्षत्र पद | विशाखा (सुबह 07:53 बजे तक), फिर अनुराधा |
| सूर्य राशि | नरसिंह |
| सूर्य नक्षत्र | मघा रात्रि 09:52 बजे तक, तत्पश्चात् पूर्वाफाल्गुनी |
| सूर्य पद | मघा (रात 09:52 बजे तक), फिर पूर्वा फाल्गुनी |
ऋतु और संक्रांति 🍂☀️
| द्रिक ऋतु (सीज़न) | शरद (शरद ऋतु) |
| वैदिक ऋतु (ऋतु) | वर्षा (मानसून) |
| द्रिक अयाना (संक्रांति) | दक्षिणायन |
| वैदिक अयन (संक्रांति) | दक्षिणायन |
| दिन की लंबाई | 12 घंटे 41 मिनट 14 सेकंड |
| रात की लंबाई | 11 घंटे 19 मिनट 9 सेकंड |
| दोपहर | 11:58 पूर्वाह्न |
शुभ और अशुभ समय ⏱️
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:07 पूर्वाह्न से 04:53 पूर्वाह्न तक |
| प्रातः संध्या | 04:30 पूर्वाह्न से 05:38 पूर्वाह्न तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:33 से दोपहर 12:24 तक |
| विजय मुहूर्त | 02:05 अपराह्न से 02:56 अपराह्न तक |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:19 अपराह्न से 06:42 अपराह्न तक |
| सयाहना संध्या | 06:19 अपराह्न से 07:27 अपराह्न तक |
| त्रि पुष्कर योग | 05:38 पूर्वाह्न से 02:37 अपराह्न तक |
| निशिता मुहूर्त | 11:36 PM से 12:21 AM (31 अगस्त) |
| राहु कालम् | सुबह 8:48 से 10:23 बजे तक |
| यामागांडा | 01:33 अपराह्न से 03:09 अपराह्न तक |
| आदल योग | 05:38 पूर्वाह्न से 02:37 अपराह्न तक |
| दुर मुहूर्तम | 05:38 पूर्वाह्न से 06:28 पूर्वाह्न, 09:52 अपराह्न से 05:38 पूर्वाह्न (31 अगस्त) |
| गुलिकाई कलम | 05:38 पूर्वाह्न से 07:13 पूर्वाह्न तक |
| भद्र | 10:46 PM से 05:38 AM (31 अगस्त) |
| वर्ज्यम | 07:05 अपराह्न से 08:53 अपराह्न तक |
| विंचुडो | 07:53 पूर्वाह्न से 05:38 पूर्वाह्न (31 अगस्त) |
| बाना | राजा दोपहर 01:35 बजे से पूरी रात तक |
निवास और शूल 🕉️
| होमाहुति | शुक्र |
| दिशा स्कूल | पूर्व |
| अग्निवास | पृथ्वी |
| चंद्र वासा | सुबह 07:53 बजे तक पश्चिम, फिर उत्तर |
| भद्रवास | स्वर्ग (रात 10:46 बजे से पूरी रात तक) |
| शिववास | रात्रि 10:46 बजे तक भोजन में, उसके बाद शमशान में |
| राहु वास | पूर्व |
| कुंभ चक्र | दक्षिण |
अन्य कैलेंडर और युग 🌎
| कलियुग | 5126 वर्ष |
| लाहिड़ी अयनांशा | 24.222289 |
| काली अहरगना | 1872452 दिन |
| राटा डाई | 739493 |
| जूलियन कैलेण्डर का दिन | 17 अगस्त, 2025 ई. |
| जूलियन डे | 2460917.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक तिथि | भाद्रपद 08, 1947 शक |
| संशोधित जूलियन दिवस | 60917 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण तिथि | भाद्रपद 15, 1947 शक |
चंद्रबलम और ताराबलम ✨
| शुभ चंद्रबलम प्रातः 07:53 बजे तक: | मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर |
| अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्रबल: | वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ |
| दोपहर 02:37 बजे तक शुभ मुहूर्त: | भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती |
| अगले दिन सूर्योदय तक शुभ तरबलम: | अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती |
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 🌞
| पंचक रहित मुहूर्त: | (अच्छे मुहूर्त और पंचक के लिए सूचीबद्ध समय) |
| उदय लग्न मुहूर्त: | (प्रत्येक लग्न के लिए सूचीबद्ध समय) |
त्यौहार और कार्यक्रम 🎉
| ललिता सप्तमी | 30 अगस्त (शनिवार) |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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