Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 25 सितंबर 2025, गुरुवार
25 सितंबर 2025 को, यह दिन विनायक चतुर्थी के उत्सव को चिह्नित करता है। यह आश्विन महीने के दौरान, विशेष रूप से तृतीया शुक्ल पक्ष को, कलियुक्ता विक्रम संवत के वर्ष 2082 में पड़ता है। इस दिन का सूर्य चिन्ह कन्या है। यह अवधि उन कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो भगवान गणेश से जुड़ी पारंपरिक अनुष्ठानों और उत्सवों का पालन करते हैं, ज्ञान और समृद्धि के लिए उनका आशीर्वाद मांगते हैं।

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय 🌕☀️
| सूर्योदय | 05:48 पूर्वाह्न | सूर्यास्त | 05:51 अपराह्न |
| चंद्रोदय | 08:38 पूर्वाह्न | चंद्रास्त | 07:42 अपराह्न |
दैनिक पंचांग विवरण 📅
| तिथि | तृतीया (सुबह 07:06 बजे तक) | नक्षत्र | स्वाति (शाम 07:09 बजे तक) |
| चतुर्थी | विशाखा | ||
| योग | वैधृति (रात 09:54 बजे तक) | करण | गैराज (सुबह 07:06 बजे तक) |
| विष्कम्बा | वनीजा (रात 08:18 बजे तक) | ||
| काम करने के दिन | गुरुवार | भद्र | विष्टि |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
चंद्र मास, संवत, और बृहस्पति संवत्सर 🗓️
| विक्रम संवत | 2082 कलायुक्त | संवत्सर | कालायुक्त (दोपहर 03:07 बजे तक, 25 अप्रैल, 2025) |
| शक संवत | 1947 विश्वावसु | सिद्धार्थी | |
| गुजराती संवत | 2081 नाला | चंद्रमास | अश्विन - पूर्णिमांत |
| दाएँ/गेट | 9 | अश्विन - अमंता |
चंद्र राशि और नक्षत्र विवरण 🌙
| राशि | तुला | नक्षत्र पद | स्वाति (दोपहर 12:24 बजे तक) |
| सूर्य राशि | कन्या | स्वाति (शाम 07:09 बजे तक) | |
| सूर्य नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी | विशाखा (01:53 AM, सितंबर 26 तक) | |
| सूर्य पद | उत्तरा फाल्गुनी | विशाखा |
सीज़न और अयाना 🍂
| द्रिक ऋतु | शरद (शरद ऋतु) | दिनामाना | 12 घंटे 03 मिनट 30 सेकंड |
| वैदिक अनुष्ठान | शरद (शरद ऋतु) | रात्रिमान | 11 घंटे 56 मिनट 52 सेकंड |
| ड्रिक अयाना | दक्षिणायन | मध्य | 11:49 पूर्वाह्न |
| वैदिक अयन | दक्षिणायन |
शुभ और अशुभ समय अवधि ⏱️
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:12 पूर्वाह्न से 05:00 पूर्वाह्न तक | प्रातः संध्या | 04:36 पूर्वाह्न से 05:48 पूर्वाह्न तक |
| अभिजीत | सुबह 11:25 से दोपहर 12:13 बजे तक | विजय मुहूर्त | दोपहर 01:50 से दोपहर 02:38 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | 05:51 अपराह्न से 06:15 अपराह्न तक | सयाहना संध्या | 05:51 अपराह्न से 07:03 अपराह्न तक |
| अमृत कलाम | सुबह 9:17 से 11:05 बजे तक | निशिता मुहूर्त | 11:26 PM से 12:13 AM, 26 सितंबर |
| रवि योग | सुबह 5:48 से शाम 7:09 बजे तक |
| राहु कालम् | दोपहर 01:20 से 02:50 बजे तक | यामागांडा | 05:48 पूर्वाह्न से 07:18 पूर्वाह्न तक |
| गुलिकाई कलम | सुबह 8:48 से 10:19 बजे तक | दुर मुहूर्तम | सुबह 9:49 से 10:37 बजे तक |
| वर्ज्यम | 01:27 पूर्वाह्न, 26 सितंबर से 03:15 पूर्वाह्न, 26 सितंबर | 02:38 अपराह्न से 03:26 अपराह्न तक | |
| बाना | रोगा सुबह 06:17 बजे से पूरी रात तक | भद्र | 08:18 PM से 05:48 AM, 26 सितंबर |
निवास और शूल 🧭
| घर | बुद्धा | दिशा स्कूल | दक्षिण |
| अग्निवास | आकाश (स्वर्ग) (सुबह 07:06 बजे तक) | चंद्र वासा | पश्चिम |
| पाताल (दुर्लभ) | राहु वास | दक्षिण | |
| भद्रवास | पाताल (नादिर) रात्रि 08:18 से पूर्ण रात्रि तक | कुंभ चक्र | पूर्व |
| शिववास | सभा में (सुबह 07:06 बजे तक) | ||
| क्रीडा में |
अन्य कैलेंडर और युग 🌎
| कलियुग | 5126 वर्ष | लाहिड़ी अयनांशा | 24.223284 |
| काली अहरगना | 1872478 दिन | रेट डाई | 739519 |
| जूलियन कैलेण्डर का दिन | 12 सितंबर, 2025 ई. | जूलियन डे | 2460943.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक तिथि | अश्विन 03, 1947 शक | संशोधित जूलियन दिवस | 60943 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण तिथि | अश्विन 10, 1947 शक |
चंद्रबलम और ताराबलम ✨
| अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्रबल: | मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर | शुभ मुहूर्त शाम 07:09 बजे तक: | अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद |
| *मीना राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र | * पूर्वा भाद्रपद के लिए अष्टम चंद्र अंतिम पद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती का जन्म | अगले दिन सूर्योदय तक शुभ तरबलम: | भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती |
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 🌅
| दिन के लिए पंचक रहित मुहूर्त: | (समय और पंचक प्रकारों की सूची) | दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त: | (समय और लग्न प्रकारों की सूची) |
दैनिक त्यौहार और कार्यक्रम 🎉
| विनायक चतुर्थी | 25 सितंबर (गुरुवार) |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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