Aaj Ka Panchang: तृतीया तिथि, कृत्तिका नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त?
Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

🌅 सूर्योदय और चंद्रोदय 🌙
| सूर्योदय | सुबह 05:32 | सूर्यास्त | शाम 6:22 |
| चंद्रोदय | सुबह 06:36 | चंद्रास्त | 8:36 अपराह्न |
📅 कैलेंडर 📜
| तिथि | द्वितीया (सुबह 10:49 बजे तक) तीसरा | नक्षत्र | भरानी सुबह 7:10 बजे तक कृत्तिका प्रातः 04:35 बजे तक, अप्रैल 20 रोहिणी |
| योग | आयुष्मान, रात 8:02 बजे तक सौभाग्य | करण | कौलावा (सुबह 10:49 बजे तक) तैतिला, रात 9:07 बजे तक गैरेज |
| काम करने के दिन | रविवाड़ा | पक्ष | शुक्ल पक्ष |
🌙 चन्द्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर ✨
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थ | सम्वत्सर | सिद्धार्थी अपराह्न 03:53 बजे तक, 21 अप्रैल, 2026 |
| शक संवत | 1948 पराभाव | रौद्रा | |
| गुजराती संवत | 2082 पिंगला | चंद्रमासा | वैशाख - पूर्णिमांत |
| दाएँ/द्वार | 6 | वैशाख - अमंता |
👑 विक्रम संवत 2083 का मंत्री मंडल 🛡️
| राजा | गुरु 👑 - राजा | अध्यक्ष | चंद्र ⚔️ - सेनापति |
| मंत्री | मंगल ⚜️ - मंत्रिमंडल मंत्री | धन्याधिपति | बुद्ध 🌻 - रबी फसलें |
| सस्यधिपति | गुरु 🌾 - खरीफ फसलें | मेघाधिपति | चंद्र 🌧 - बादल और बारिश |
| धनवान | गुरु 💰 - धन और अर्थव्यवस्था | अप्रसन्न | गुरु 🪙 - धातु और खनिज |
| रसाधिपति | शनि 🍯 - रस और तरल पदार्थ | फलाधिपति | चंद्र 🍎 - फल और फूल |
♈ राशि और नक्षत्र 🌟
| राशि | मेषा दोपहर 12:31 बजे तक वृषभ | नक्षत्र पाद | भरानी सुबह 7:10 बजे तक कृतिका दोपहर 12:31 बजे तक |
| सूर्य राशि | मेशा | कृतिका द्वारा शाम 5:52 बजे तक | |
| सूर्य नक्षत्र | अश्विनी | कृतिका, रात 11:13 बजे तक | |
| सूर्य पाद | अश्विनी | कृत्तिका प्रातः 04:35 बजे तक, अप्रैल 20 रोहिणी |
🌱 रितु और आयना ☀️
| ड्रिक रितु | वसंत (Spring) | दिनमाना | 12 घंटे 50 मिनट 25 सेकंड |
| वैदिक अनुष्ठान | वसंत (Spring) | रात्रिमाना | 11 घंटे 8 मिनट 40 सेकंड |
| ड्रिक अयाना | उत्तरायण | मध्य | सुबह 11:57 |
| वैदिक आयन | उत्तरायण |
✨ शुभ समय 👍
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:03 से सुबह 04:47 तक | प्रतः संध्या | सुबह 4:25 से 5:32 तक |
| अभिजीत | सुबह 11:32 से दोपहर 12:23 तक | विजय मुहूर्त | दोपहर 2:06 से दोपहर 2:57 तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 6:21 से शाम 6:44 तक | सयाहना संध्या | शाम 6:22 से शाम 7:29 तक |
| अमृत कलाम | 20 अप्रैल, सुबह 2:26 से 20 अप्रैल, सुबह 3:52 तक | निशिता मुहूर्त | 20 अप्रैल, रात 11:35 से 12:19 बजे तक |
| त्रि पुष्करा योग | सुबह 7:10 से 10:49 तक | रवि योग | 20 अप्रैल, सुबह 04:35 बजे से 20 अप्रैल, सुबह 05:31 बजे तक |
👎 अशुभ समय 😠
| राहु कलाम | शाम 4:46 से शाम 6:22 तक | यामागंडा | सुबह 11:57 से दोपहर 1:34 तक |
| योग | सुबह 5:32 बजे से सुबह 7:10 बजे तक | विदाल योग | 20 अप्रैल, सुबह 7:10 से 4:35 बजे तक |
| गुलिकाई कलम | दोपहर 3:10 से शाम 4:46 तक | दुर् मुहूर्त | शाम 4:40 से शाम 5:31 तक |
| वर्ज्यम | शाम 5:52 से शाम 7:18 तक | ||
| बाना | राजा दोपहर 12:15 बजे तक |
🏠 निवास और स्कूल 🏹
| घर | रविवार, सुबह 4:35 बजे तक, 20 अप्रैल बुद्धा | दिशा स्कूल | पश्चिम |
| नक्षत्र स्कूल | पश्चिम दिशा में, 20 अप्रैल, सुबह 04:35 बजे से पूरी रात तक | ||
| अग्निवास | पृथ्वी (Earth) सुबह 10:49 बजे तक आकाश (स्वर्ग) | चंद्र वासा | पूर्व दिशा में दोपहर 12:31 बजे तक दक्षिण दिशा में दोपहर 12:31 बजे से पूरी रात तक |
| शिववास | गौरी के साथ सुबह 10:49 बजे तक सभा में | राहु वासा | उत्तर |
| कुंभ चक्र | पूर्व |
🗓️ अन्य कैलेंडर और युग 🌍
| कलियुग | 5127 वर्ष | लाहिरी अयनांश | 24.231163 |
| काली अहर्गना | 1872684 दिन | दर डाई | 739725 |
| जूलियन कैलेण्डर का दिन | 6 अप्रैल, 2026 ईस्वी | जूलियन डे | 2461149.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक तिथि | चैत्र 29, 1948 शक | संशोधित जूलियन डे | 61149 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण तिथि | वैशाख 6, 1948 शक |
💪चंद्रबलम और ताराबलम ✨
| दोपहर 12:31 बजे तक चंद्रबलम की शुभकामनाएं: मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ *कन्या राशि के जातकों के लिए अष्टम चंद्र *उत्तरा फाल्गुनी के लिए अष्टम चंद्र अंतिम 3 पद, हस्त और चित्रा के पहले 2 पद | चंद्रबलम को अगले दिन सूर्योदय तक की शुभकामनाएं: वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीना *तुला राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र *चित्रा के लिए अष्टम चंद्र अंतिम 2 पद, स्वाति और विशाखा के जन्म के पहले 3 पद |
| सुबह 7:10 बजे तक शुभ ताराबलम: अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद | 20 अप्रैल, सुबह 04:35 बजे तक ताराबलम की शुभकामनाएं: भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, अश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती |
| अगले दिन सूर्योदय तक आपको शुभ ताराबलम की शुभकामनाएं: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद | |
🕰️ पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 💫
| दिन के लिए पंचक रहित मुहूर्त चोरा पंचक - प्रातः 05:32 बजे से प्रातः 06:59 बजे तक शुभ मुहूर्त - सुबह 6:59 से 7:10 बजे तक रोग पंचक - प्रातः 07:10 बजे से प्रातः 08:56 बजे तक शुभ मुहूर्त - सुबह 8:56 से 10:49 तक मृत्यु पंचक - सुबह 10:49 बजे से 11:10 बजे तक अग्नि पंचक - सुबह 11:10 से दोपहर 1:27 तक शुभ मुहूर्त - दोपहर 1:27 से दोपहर 3:41 तक राज पंचक - 03:41 PM से 05:54 PM तक शुभ मुहूर्त - शाम 5:54 से रात 8:11 बजे तक चोर पंचक - रात्रि 08:11 बजे से रात्रि 10:28 बजे तक शुभ मुहूर्त - रात 10:28 से 12:32 बजे तक, अप्रैल 2020 रोग पंचक - 12:32 पूर्वाह्न, 20 अप्रैल से 02:17 पूर्वाह्न, 20 अप्रैल शुभ मुहूर्त - 02:17 AM, अप्रैल 20 से 03:48 AM, अप्रैल 20 तक शुभ मुहूर्त- प्रातः 03:48 बजे, अप्रैल 20 से प्रातः 04:35 तक, अप्रैल 20 मृत्यु पंचक - प्रातः 04:35, अप्रैल 20 से प्रातः 05:16, अप्रैल 20 तक रोग पंचक - प्रातः 05:16, अप्रैल 20 से प्रातः 05:31, अप्रैल 20 तक | आज का उदय लग्न मुहूर्त मेषा - सुबह 5:20 से 6:59 तक वृषभ - प्रातः 06:59 से प्रातः 08:56 तक मिथुना - सुबह 8:56 से 11:10 बजे तक कार्का - सुबह 11:10 से दोपहर 1:27 तक सिम्हा - दोपहर 1:27 से दोपहर 3:41 तक कन्या - दोपहर 3:41 से शाम 5:54 तक तुला - शाम 5:54 से रात 8:11 बजे तक वृश्चिक- रात्रि 08:11 बजे से रात्रि 10:28 बजे तक धनु- रात्रि 10:28 से 12:32 पूर्वाह्न, 20 अप्रैल मकरा - 20 अप्रैल, रात 12:32 बजे से 20 अप्रैल, सुबह 02:17 बजे तक कुंभ - 20 अप्रैल, सुबह 02:17 से 20 अप्रैल, सुबह 03:48 तक मीना - 20 अप्रैल, सुबह 03:48 से 20 अप्रैल, सुबह 05:16 तक |
🎉 दिन के त्यौहार और कार्यक्रम 🥳
| परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया, मासिक कार्तिगाई, वर्षीतप पारण, त्रेता युग दिवस |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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