Aaj Ka Panchang: दिन रविवार, जानिए शुभ मुहूर्त
Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय 🌅
| सूर्योदय | 05:32 पूर्वाह्न |
| सूर्यास्त | 06:31 अपराह्न |
| चंद्रोदय | 12:10 पूर्वाह्न, 18 अगस्त |
| चंद्रास्त | 01:38 अपराह्न |
हिंदू कैलेंडर 🗓️
| तिथि | नवमी शाम 07:24 बजे तक |
| नक्षत्र | रोहिणी 03:17 AM, अगस्त 18 तक |
| अगली तिथि | दशमी |
| अगला नक्षत्र | मृगशिरा |
| योग | व्याघात 01:40 AM, अगस्त 18 तक |
| अगला योग | हर्षना |
| करण | तैतिला सुबह 08:28 बजे तक |
| अगला करण | गैराज शाम 7:24 बजे तक |
| काम करने के दिन | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
चंद्र मास और संवत 🌕
| विक्रम संवत | 2082 कलायुक्त |
| संवत्सर | कालायुक्त 03:07 अपराह्न, 25 अप्रैल 2025 तक |
| शक संवत | 1947 विश्वावसु |
| अगला संवत्सर | सिद्धार्थी |
| गुजराती संवत | 2081 नाला |
| चंद्रमास | भाद्रपद - पूर्णिमांत |
| दाएँ/गेट | 1 |
| अमंता महीना | श्रावण |
राशि और नक्षत्र विवरण ♈
| राशि | वृषभ |
| नक्षत्र पद | रोहिणी सुबह 10:17 बजे तक |
| सूर्य राशि | नरसिंह |
| अगला नक्षत्र पद (रोहिणी) | 03:57 अपराह्न तक |
| सूर्य नक्षत्र | माघ |
| अगला नक्षत्र पद (रोहिणी) | रात 09:37 बजे तक |
| सूर्य पद | माघ |
| अगला नक्षत्र पद (रोहिणी) | 18 अगस्त, सुबह 03:17 बजे तक |
| अगला नक्षत्र पद (मृगशिरा) | 18 अगस्त, सुबह 03:17 बजे से |
सीज़न और अयाना 🌧️
| द्रिक ऋतु | वर्षा (मानसून) |
| दिनामाना | 12 घंटे 58 मिनट 55 सेकंड |
| वैदिक अनुष्ठान | वर्षा (मानसून) |
| रात्रिमान | 11 घंटे 01 मिनट 30 सेकंड |
| ड्रिक अयाना | दक्षिणायन |
| मध्य | 12:02 अपराह्न |
| वैदिक अयन | दक्षिणायन |
शुभ और अशुभ समय ⏱️
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:04 पूर्वाह्न से 04:48 पूर्वाह्न तक |
| प्रातः संध्या | 04:26 पूर्वाह्न से 05:32 पूर्वाह्न तक |
| अभिजीत | सुबह 11:36 से दोपहर 12:28 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | 02:12 अपराह्न से 03:04 अपराह्न तक |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:31 अपराह्न से 06:53 अपराह्न तक |
| सयाहना संध्या | 06:31 अपराह्न से 07:37 अपराह्न तक |
| अमृत कलाम | 12:16 पूर्वाह्न, 18 अगस्त से 01:47 पूर्वाह्न, 18 अगस्त |
| निशिता मुहूर्त | 11:40 PM से 12:24 AM, 18 अगस्त |
| राहु कालम् | 04:54 अपराह्न से 06:31 अपराह्न तक |
| यामागांडा | दोपहर 12:02 से दोपहर 01:39 बजे तक |
| आदल योग | 05:32 पूर्वाह्न से 03:17 पूर्वाह्न, 18 अगस्त |
| विदाल योग | 03:17 पूर्वाह्न, 18 अगस्त से 05:33 पूर्वाह्न, 18 अगस्त |
| गुलिकाई कलम | 03:17 अपराह्न से 04:54 अपराह्न तक |
| ज्वालामुखी योग | 05:32 पूर्वाह्न से 07:24 अपराह्न तक |
| वर्ज्यम | 07:44 अपराह्न से 09:15 अपराह्न तक |
| दुर मुहूर्तम | 04:47 अपराह्न से 05:39 अपराह्न तक |
| बाना | मृत्यु 02:57 AM, 18 अगस्त से पूर्ण रात्रि तक |
निवास एवं शूल दिशा निर्देश 🧭
| घर | राहु |
| दिशा स्कूल | पश्चिम |
| अग्निवास | पाताल (नादिर) शाम 07:24 बजे तक |
| नक्षत्र स्कूल | पश्चिम में 03:17 AM, अगस्त 18 तक |
| अगला अग्निवास | पृथ्वी |
| चंद्र वासा | दक्षिण |
| शिववास | सभा में शाम 07:24 बजे तक |
| राहु वास | उत्तर |
| अगला शिववास | क्रीडा में |
| कुंभ चक्र | तल |
अन्य कैलेंडर और युग 🌎
| कलियुग | 5126 वर्ष |
| लाहिड़ी अयनांशा | 24.221792 |
| काली अहरगना | 1872439 दिन |
| रेट डाई | 739480 |
| जूलियन कैलेण्डर का दिन | 4 अगस्त, 2025 ई. |
| जूलियन डे | 2460904.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक तिथि | श्रावण 26, 1947 शक |
| संशोधित जूलियन दिवस | 60904 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण तिथि | भाद्रपद 02, 1947 शक |
चंद्रबलम और ताराबलम🌛
| अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्रबल: | वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीना |
| 18 अगस्त, सुबह 03:17 बजे तक शुभ मुहूर्त: | अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद |
| अगले दिन सूर्योदय तक शुभ तरबलम: | भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती |
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 🌞
| पंचक रहित मुहूर्त: | दिन भर में विभिन्न समय. |
| उदय लग्न मुहूर्त: | कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, मीना, मेष, वृषभ, मिथुन - दिन भर में विभिन्न समय। |
दैनिक त्यौहार और कार्यक्रम 🎉
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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