'संविधान में ये नहीं लिखा', अभिजीत दिपके ने खोले बड़े राज! धूप, भूख-प्यास भी नहीं डिगा पाई 'कॉकरोचों' का हौसला

Abhijeet Dipke Exclusive: दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन चर्चा में बना हुआ है। यह विरोध प्रदर्शन NEET UG पेपर लीक मामले और उन छात्रों के लिए न्याय की मांग को लेकर किया जा रहा है जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा व्यवस्था और उससे जुड़ी परेशानियों के बीच अपनी जान गंवाई। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इस बीच प्रदर्शन स्थल पर सुविधाओं की कमी, लोगों की आवाजाही पर रोक और मीडिया कवरेज को लेकर भी बहस तेज हो गई है। CJP से जुड़े अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थकों का आभार जताया और कहा कि कठिन हालात के बावजूद लोग आंदोलन के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन और राष्ट्रीय मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

Abhijeet Dipke Exclusive

अभिजीत दिपके ने समर्थकों का जताया आभार

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने वहां मौजूद लोगों का धन्यवाद करते हुए Oneindia से कहा, "मैं यहां आए सभी लोगों को सिर्फ धन्यवाद कहना चाहता हूं। ये सभी लोग मेरे भाई-बहन हैं। जो भी यहां खड़े हैं, उन्होंने इस आंदोलन को मजबूत बनाया है। कल दोपहर से ये लोग कड़ी धूप में खड़े रहे। इनके पास न पानी था, न खाना। इसके बावजूद ये पूरी रात यहीं डटे रहे। मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूं कि आप यहां मौजूद हैं। हम एक अच्छे मकसद के लिए लड़ रहे हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि हम देश में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल होंगे।"

ये भी पढ़ें: CJP Protest Delhi LIVE: अभिजीत दीपके ने पुलिस के आगे जोड़े हाथ, कर रहे क्या रिक्वेस्ट?

उनके बयान के दौरान प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी और समर्थन को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बताया गया। उन्होंने कहा कि तमाम दिक्कतों के बावजूद लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

जंतर-मंतर पहुंचने से लोगों को न रोका जाए

Oneindia से बातचीत में जब रिपोर्टर ने उनसे प्रशासन और पुलिस से जुड़े सवाल किए तब उन्होंने लोगों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने देने की मांग की।

अभिजीत दिपके ने कहा, "फिलहाल पुलिस से मेरी सबसे बड़ी अपील यही है कि लोगों को जंतर-मंतर आने से न रोका जाए। दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से कई लोग यहां आना चाहते हैं। कल रात भी बड़ी संख्या में लोग बैरिकेड्स के बाहर खड़े थे। सिर्फ आम लोग ही नहीं, मीडिया के लोग भी बाहर मौजूद थे, लेकिन उन्हें अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि किस लोकतंत्र में लोगों को एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जाता है। इसी तरह किसी लोकतंत्र में मीडिया को किसी प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने से भी नहीं रोका जाना चाहिए। मेरी पुलिस से अपील है कि वह कानून और व्यवस्था के दायरे में काम करे। संविधान या कानून में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि मीडिया या लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक पहुंचने से रोका जाए।"

खाने, पानी और बिजली को लेकर भी चर्चा

प्रदर्शन के दौरान बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी सामने आया। बातचीत में यह सवाल उठाया गया कि प्रदर्शनकारियों को खाने, पानी और बिजली जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उनका उत्साह बना रहा।

प्रदर्शन से जुड़े लोगों का दावा है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद रातभर बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर मौजूद रहे। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के लिए न्याय की मांग करना है और इसी वजह से समर्थक लगातार डटे हुए हैं।

राष्ट्रीय मीडिया पर लगाया आरोप

मीडिया कवरेज को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दिपके ने दावा किया कि राष्ट्रीय मीडिया इस प्रदर्शन को पर्याप्त जगह नहीं दे रहा है।

उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय मीडिया में मेरे कुछ परिचित लोग हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस प्रदर्शन को ज्यादा महत्व न देने और इससे जुड़ी खबरें न दिखाने के लिए कहा गया है। जब कोई आंदोलन सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो अक्सर मीडिया संस्थानों पर दबाव बनाया जाता है।"

उन्होंने आगे कहा, "हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारे पास सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल और दूसरे डिजिटल मंच हैं। बहुत से लोगों ने अपने-अपने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस आंदोलन को लोगों तक पहुंचाया है।"

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?

जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET UG पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े छात्र हितों का मामला है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि जिन छात्रों ने कथित तौर पर मानसिक दबाव और परीक्षा से जुड़ी परिस्थितियों के कारण आत्महत्या की, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

CJP और प्रदर्शन में शामिल लोग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

ये भी पढ़ें: CJP Protest: जंतर-मंतर पर रात भर डटे रहे प्रदर्शनकारी, अभिजीत दिपके ने दिल्‍लीवासियों से हिस्‍सा लेने की अपील

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+