शिवरात्रि महापूजन से बच्चों का लगने लगेगा पढ़ाई में मन
इस बार शिवरात्रि सोमवार को है। 2012 में महाशिवरात्रि सोमवार के दिन आयी थी। इसके बाद चार साल बाद ऐसा शुभ संयोग महाशिवरात्रि पर बना है अगला योग बारह वर्षो बाद 2028 में बनेगा। सोमवार के दिन शिवरात्रि का होना, शुभफलदायी माना जाता है, जिनका चंद्रमा, शुक्र, राहु खराब हो, उनके लिए शिव पूजा विशेष फलदायी होगा।
बहुत खास है इस बार की महाशिवरात्रि जानिए क्यों?
वहीं जिन बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है, विवाह नहीं हो रहा हर तरह की मनोकामना महाशिवरात्रि पर पांच महापूजा करने से विशेष पुण्य फलदायी होगी। सोमवार के दिन महाशिवरात्रि आने से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। यही नहीं भक्तों के कष्टों का निवारण होगा।
ऐसे करें रात्रि पञ्च महापूजन
इस दिन व्रती को सफ़ेद बालू रेत के पार्थिव शिव लिंग बनाकर फल, पुष्प, चंदन, बिल्वपत्र, धतूरा, धूप, दीप और नैवेद्य आदि षोडशो उपचार से महारात्रि को पाँच बार पूजा करनी चाहिए। दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अलग-अलग तथा सबको एक साथ मिलाकर पंचामृत से शिव को स्नान कराकर जल से अभिषेक करें। चारों प्रहर के पूजन में शिव पंचाक्षर 'ओम् नमः शिवाय' मंत्र का जप करें।
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धन प्राप्ति
धन प्राप्ति के लिए-बिल्वपत्र से अर्चन करें।

पुत्र प्राप्ति
पुत्र प्राप्ति के लिए-दूध,हल्दी मिला कर अभिषेक करें।

सर्व मनोकामना पूर्ति
सर्व मनोकामना पूर्ति के लिए-पञ्चमृत अभिषेक करवायें।

कष्ट मुक्ति के लिए
मृत्युतुल्य रोग और कष्ट मुक्ति के लिए- मृत्युंजय मन्त्र का जप करें।

सुख-समृद्धि के लिए
सुख-समृद्धि के लिए-सफ़ेद आकड़े के फूल चढायें।

प्रेम प्राप्ति के लिए
प्रेम प्राप्ति के लिए-शिव-पार्वती का संयुक्त पूजन करें ऊं साम्ब-सदाशिवाय नम:।

शांति के लिए
चन्द्र और शुक्र शांति के लिए-खीर का भोग लगाये, मोती, चांदी, हीरा, शक्कर चढ़कर दान दें।

सौभाग्य प्राप्ति के लिए
सौभाग्य प्राप्ति के लिए-व्रत कर, शिव जप पांच बार पूजन करें।












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