सालों बाद आये हैं सावन माह में दिव्य योग
विशेष आयुष्मान तथा सर्वार्थ सिद्दी योग के साथ 1 अगस्त शनिवार श्रवण नक्षत्र से श्रावण मास यानी सावन का महीना शुरू हो रहा है। इस दौरान भगवान शिव एवं सभी देवताओं की उपासना, साधना की जाती है। खास बात यह है कि इस साल वर्षों बाद सावन के महीन में कई सारे शुभ योग बन रहे हैं।
रक्षाबंधन त्यौहार के साथ 21 दिन बाद श्रावण मास सम्पन्न होगा। इस बार का श्रावण मास विशेष योग और त्योहारों की सौगात तथा नव ग्रहों की स्थिति के कारण भी श्रावण मास विशेष शुभ माना जा रहा है। विभिन्न पंचांगों में दिए गए व्रत, योग और त्यौहार इस प्रकार हैं।
- 01 अगस्त : आयुष्मान तथा सर्वार्थ सिद्दी योग
- 03 अगस्त : पहला सोमवार
- 08 अगस्त : सर्वार्थ सिद्दी अमृत योग
- 10 अगस्त : दूसरा सोमवार
- 11 अगस्त : प्रदोष व्रत
- 12 अगस्त : मास शिवरात्रि
- 13 अगस्त : गुरु पुष्य, अमृत सिद्दी एवं सर्वार्थ सिद्दी योग
- 14: अगस्त : हरियाली अमावस्या
- 17 अगस्त : तीसरा सोमवार एवं हरियाली तीज
- 18 अगस्त : चतुर्थी
- 19 अगस्त : नागपंचमी
- 21 अगस्त : श्रावणी कर्म
- 24 अगस्त : चौथा सोमवार
- 29 अगस्त : रक्षाबंधन
- 07 सितम्बर: महाकाल नगर भ्रमण
श्रावण मास विशेष रूप से शिव आराधना का मास है। श्रावण को शिव जी से जोड़ कर इसलिए भी देखा जाता है क्योंकि श्रावण में ही वर्षा प्रकृति उत्साह का वातावरण दिखाई देता है। प्राकृतिक सम्पदा बिना मोल के प्रचुर मात्र में उपलब्ध रहती है, जो की शिव को अति प्रिय है और भक्त आसानी से इन्हे चढ़ा कर भोले नाथ को प्रसन्न कर सकते हैं। भगवन शिव को अभिषेक करके जल, दूध, बिल्व पत्र, सफ़ेद अकड़ा विशेष रूप से चढ़कर प्रसन्न करना चाहिए।













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