कुंडली कहती हैं पूर्वांचल का बेटा रविकिशन ही जौनपुर जीतेगा

यह भीड़ वोट में कितना तब्दील होगी ये तो समय ही बतायेगा। भाजपा ने अपना दांव जौनपुर के लोकप्रिय नेता रहे स्व. उमानाथ सिहं के पुत्र केपी सिंह पर लगाया है। केपी सिंह पहली बार चुनावी मैराथन में हिस्सा ले रहें है। केपी आप के टिकट पर मैदान में टिके तो सपा और बसपा ने अपने पुराने नेताओं पर दांव लगाना मुनासिब समझा है।
आइये जानते है कि रवि किशन के लिए सितारों की चाल कैसी रहेगी?
रवि किशन का जन्म 17 जुलाई सन् 1971 को मध्यान्ह 12 बजे जौनपुर में हुआ था। आपके जन्म के समय क्षितिज पर कन्या लग्न उदित हो रही थी। कन्या लग्न एक द्विस्वभाव राशि है। जिस कारण आपको परिवर्तन पसन्द होगा, आपके आवास व कार्य-क्षेत्र इत्यादि में परिवर्तन होते रहेंगे। आप-अपने कार्य में बड़े सावधान व चौकस होगें। कोई कार्य हुआ या नहीं इसे दो-तीन बार सत्यापित करेंगे।
इस समय आपकी जन्मकुण्डली में गुरू की महादशा में गुरू का अन्तर एंव राहु का प्रत्यन्तर चल रहा है। बृहस्पति चौथे व सातवें का मालिक है और वक्री होकर तीसरे भाव पर अपना कब्जा जमाये हुये है। चौथा भाव संसद का कारक होता है और सातवां भाव परिवर्तन का संकेतक है। इस कारण गुरू ने रवि किशन के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन कराके राजनीति के क्षेत्र में पहुॅचाया दिया है। गुरू राजनीति व महत्वकांक्षा का प्रबल द्योतक है।
गुरू तीसरे भाव में वक्री होकर अपने नक्षत्र विशाखा में स्थित है। गुरू की दशा में ही गुरू का अन्तर है, जो रवि किशन के लिए एक शुभ संकेत है। चौथा भाव संसद का प्रतिनिधित्व करता है तथा इस भाव में गुरू की धनु राशि पड़ी है। गुरू के पराक्रम भाव में होने से रवि किशन अपनी मेहनत व पराक्रम के दम पर चुनावी मैराथन में विजयी होकर दिल्ली की संसद में बैठने का सुनहरा मौका पायेंगे।












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